हरियाणा में सात-आठ साल से अनुबंध पर सेवा दे रहे अनुदेशकों की नौकरी पर खतरा….

हरियाणा में पिछले सात-आठ साल से अनुबंध पर सेवा दे रहे अनुदेशकों की नौकरी के लिए खतरा पैदा हो गया है। उन पर छंटनी का खतरा पैदा हो गया है। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग में 2388 अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया तेज होने से इन 1410 अनुदेशकों पर छंटनी की तलवार लटकी है।

2388 अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया तेज होने से 1410 अनुदेशकों में हड़कंप

सर्व कर्मचारी संघ ने सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि अनुबंधित 1410 अनुदेशकों के पदों को भरा हुआ मानकर बाकी पदों पर भर्तियां की जाएं। सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, महासचिव सतीश सेठी व उप महासचिव सबिता मलिक ने कहा कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल विभाग के मंत्री से मुलाकात कर तीन दिसंबर से शुरू हो रही भर्ती प्रक्रिया को रोकने की मांग करेगा।

उन्होंने कहा कि संघ नई भर्ती के खिलाफ कतई नहीं है, लेकिन 1410 अनुबंधित अनुदेशकों को नौकरी से निकाल कर नई भर्ती का विरोध करेंगे।  लांबा ने कहा कि स्वीकृत रिक्त पदों के विरुद्ध आउटसोर्सिंग नीति पार्ट-2 के तहत लगे इन अनुदेशकों का चयन हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद किया गया था।

सर्व आइअीआइ अनुबंध अनुदेशक संघ के राज्य प्रधान सतीश न्योल ने कहा कि हाई कोर्ट ने सीडब्ल्यूसी 2981/2019 के तहत फैसला दिया था कि अनुबंधित अनुदेशकों के पदों को भरा हुआ मानकर बाकी बचे हुए पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने अनुबंध अनुदेशकों के पदों को रिक्त मानते हुए तीन दिसंबर से लिखित परीक्षा का प्रोग्राम भी जारी कर दिया है। इसका सभी अनुदेशक एवं मिनिस्ट्रियल स्टाफ कड़ा विरोध करेगा।

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