हरियाणा की नई विधानसभा का नजारा इस बार बदला-बदला आ रहा नजर….
हरियाणा की 14वीं विधानसभा का नजारा पिछले बार से काफी बदला हुआ है। नई विधानसभा के पहले सत्र में विधायक नई ऊर्जा और नए तेवर के संग दिखे। कई पुराने धुरंधर गायब हैं तो कई नए चेहरे सदन में पहली बार नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल सधी चाल और उत्साह से लबरेज दिखे तो विपक्ष भी नए कलेवर और तेवर में नजर आ रहा है। विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इशारों ही इशारों में साफ कर दिया कि राजनीति से ऊपर उठकर सत्ता पक्ष के हर अच्छे कदम का सहयोग करेंगे, लेकिन जनहित के मुद्दों की अनदेखी पर घेराबंदी में भी कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
नैना चौटाला बढ़ीं पुरानी सीट की ओर तो धर्मपाल छौक्कर पहुंच गए सत्ता पक्ष में
विधानसभा के पहले दिन सदन के अंदर और बाहर का नजारा पूरी तरह बदला हुआ था। पहले दिन अपनी सीटों को लेकर विधायकों में असमंजस की स्थिति रही। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले नैना चौटाला ने उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के साथ एंट्री मारी। दुष्यंत अपनी सीट पर जाकर बैठ गए, जबकि नैना चौटाला उसी बेंच की ओर बढ़ गईं जहां वह इनेलो की विधायक रहते बैठा करती थीं।

कांग्रेस विधायक कृष्ण हुड्डा ने उन्हें इशारा किया तो फिर मुस्कुराते हुए उप मुख्यमंत्री के साथ की सीट पर जाकर बैठ गईं। इसी तरह कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छौक्कर विपक्षी खेमे की ओर जाने की बजाय सत्ता पक्ष की ओर बढ़ गए। सत्ता पक्ष की ओर से किसी ने टोका तो वह भाजपा विधायकों की बेंचों के पीछे से होते हुए अपनी सीट पर जाकर बैठ गए।
पिछली विधानसभा के दस मंत्रियों सहित 60 विधायक इस बार सदन से गायब
लंबे समय बाद विधानसभा में ऐसा मौका था जब सभी 90 विधायक सदन में मौजूद रहे। पिछली विधानसभा के अंतिम सत्र में शामिल हुए दस मंत्रियों सहित 60 विधायक इस बार जनादेश नहीं मिलने से विधानसभा में नहीं पहुंचे हैं। पूर्व संसदीय कार्यमंत्री रामबिलास शर्मा की सीट पर उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला बैठे, जबकि पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की सीट पर नैना चौटाला बैठीं। सबसे वरिष्ठ विधायकों में शुमार अनिल विज अधिकतर समय मुख्यमंत्री की बगल में बैठे रहे, जबकि पूर्व कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की बेंच पर विधायक मूलचंद शर्मा।

पहली बार सदन में बैठे ताऊ देवीलाल के कुनबे से पांच विधायक
हरियाणा विधानसभा में पहली बार पूर्व उपप्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल के कुनबे के पांच विधायक एक साथ दिखे। ताऊ देवीलाल के पौत्र अभय सिंह चौटाला जहां इनेलो के टिकट पर ऐलनाबाद से विधानसभा पहुंचे हैं, वहीं प्रपौत्र दुष्यंत चौटाला उचाना और पौत्र वधू नैना चौटाला बाढड़ा से जननायक जनता पार्टी की विधायक बनी हैं। स्वर्गीय उपप्रधानमंत्री के बेटे रंजीत रानियां से निर्दलीय विधायक बने हैं, जबकि देवीलाल के भाई डॉ. केवी सिंह के बेटे अमित सिहाग डबवाली से परिवार के ही आदित्य देवीलाल को हराकर विधानसभा पहुंचे हैं। विधानसभा चुनाव के दंगल में ताऊ देवीलाल के परिवार से कुल छह लोग मैदान में थे, जिनमें से पांच जीते।
दर्शक दीर्घा का नजारा रहा खास
पहले दिन की कार्यवाही देखने सदन में कई हस्तियां पहुंची। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पिता डॉ. अजय चौटाला और भाई दिग्विजय चौटाला ने जहां सदन की कार्यवाही देखी, वहीं कांग्रेस विधायक चिरंजीव राव के पिता पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अजय यादव अपनी पत्नी शकुंतला, बेटी लतिका और पुत्रवधू धनु अनुष्का के साथ दर्शक दीर्घा में मौजूद थे। हरियाणा कांग्रेस की प्रधान कुमारी सैलजा, पूर्व सीपीएस राम किशन गुर्जर, सरदार निशान सिंह भी दर्शक दीर्घा में बैठे।
विधानसभा सत्र के बाद होगा मंत्रिमंडल का गठन
कैबिनेट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने साफ किया कि छह नवंबर को विधानसभा सत्र के समापन के बाद ही मंत्रिमंडल का गठन किया जाएगा। पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा के समधी मूलचंद शर्मा के विधानसभा में मुख्यमंत्री के ठीक पीछे बैठने से जहां मंत्री बनने के कयास लगाए जाते रहे, वहीं विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल गुर्जर की ओर इशारा कर कहा कि उनका मंत्री बनना तय है।





