बिहार से राज्‍यसभा सीट के लिए भाजपा की ओर से सतीश चंद्र दुबे ने किया नामांकन

Bihar Rajya Sabha By Election: बिहार से राज्‍यसभा सीट के लिए भाजपा की ओर से सतीश चंद्र दुबे ने शुक्रवार को नामांकन किया। भाजपा ने सतीश चंद्र दुबे को राज्‍यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्‍मीदवार बनाया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के निर्देश पर पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी संजय मयूख ने दुबे की उम्‍मीदवारी की गुरुवार को घोषणा की थी। बता दें कि राजद के राज्यसभा सदस्य राम जेठमलानी के निधन से रिक्त हुई सीट के लिए यह उपचुनाव हो रहा है। नामांकन दाखिल करने की शुक्रवार को अंतिम तारीख थी।

भाजपा उम्‍मीदवार सतीश चंद्र दुबे के अलावा किसी और ने नामांकन नहीं किया है। एेसे में सतीश चंद्र दुबे निर्विरोध चुने जाएंगे। उनका राज्‍यसभा जाना तय हो गया है। घोषणा की केवल औपचारिकता बाकी रह गई है। विधानसभा के संख्या बल को देखते हुए राजद या महागठबंधन की ओर से राज्यसभा की इस सीट के लिए प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा गया।

पटना विधानसभा में भाजपा उम्‍मीदवार सतीश चंद्र दुबे के नामांकन के समय उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, सूचना व जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, परिवहन मंत्री संतोष निराला, भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष संजय जायसवाल, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा समेत अन्‍य नेता साथ में रहे।

दूसरी ओर, गठबंधन धर्म निभाते हुए जदयू ने गुरुवार को ही साफ कर दिया था कि राज्‍ससभा सीट के लिए होनेवाले उपचुनाव में वह उम्‍मीदवार नहीं उतारेगा। हालांकि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की अध्‍यक्षता में सीएम आवास में गुरुवार को बैठक हुई। इसमें राज्‍यसभा सांसद आरसीपी सिंह, प्रदेश अध्‍यक्ष बशिष्‍ठ नारायण सिंह भी शामिल हुए थे। बैठक के बाद बशिष्‍ठ नारायण सिंह ने मीडिया से कहा था कि उम्मीदवार का चयन कल होगा। अभी 24 घंटे का समय बाकी है। समय पर सब तय हो जाएगा। लेकिन बाद में यह कहा गया कि जदयू ने भाजपा के लिए राज्‍य सभा की सीट छोड़ दी है।

सतीश चंद्र दुबे भाजपा के टिकट पर 2014 के लोकसभा चुनाव में वाल्मिकीनगर से निर्वाचित हुए थे। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे में यह सीट सहयोगी जनता दल यू के कोटे में चले जाने के कारण टिकट पाने से वंचित रह गए थे। गत लोकसभा चुनाव में केंद्रीय नेतृत्व के आश्वासन के बाद वह  चुनाव मैदान से बाहर होकर जदयू प्रत्याशी के पक्ष में जुट गए थे। बताया जा रहा है कि इसी के पुरस्कार के तौर पर उन्हें राज्यसभा की यह सीट दी गई है।

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