J&K में आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर तैनात अपने 80,000 जवानों के लिए CAPF देगी गर्म कपड़े

जम्मू और कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर तैनात अपने 80,000 जवानों के लिए सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) की ओर से बड़ी कवायद की जा रही है. सर्दियां नजदीक होने की वजह से सीएपीएफ की ओर से बड़ी तादाद में गर्म कपड़े और अन्य ज़रूरी सामान का प्रबंध किया जा रहा है. केंद्र सरकार की ओर से इस साल 5 अगस्त को जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान और 35ए हटाए जाने के बाद से ये जवान घाटी में आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी में हाथ बंटा रहे हैं.

सीएपीएफ अपने जवानों के लिए सर्दियों के कपड़े और बुखारी, हीटर जैसे अन्य सामान का बंदोबस्त करने में व्यस्त है. सर्दी नज़दीक आने के साथ तापमान गिर रहा है. साथ ही दुकानें भी बंद हैं. हालांकि शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि बड़ी तादाद में गर्म कपड़े और अन्य सामान का इंतज़ाम करने में कठिनाई दूर कर ली गई है. सूत्रों के मुताबिक सीएपीएफ ने काफ़ी पहले से इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया था.

जम्मू और कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने इंडिया टुडे को बताया, ‘सभी सुरक्षा बलों के मुख्यालय हैं और ज़रूरी सामान की खरीद के लिए विंग हैं जो सभी आवश्यक प्रबंध करते हैं. जहां भी जरूरी हुआ जम्मू और कश्मीर पुलिस उनकी मदद करेगी.’

नवंबर से जम्मू और कश्मीर, दोनों क्षेत्रों में सर्दियों की आधिकारिक शुरुआत मानी जाती है. ऊंचे क्षेत्रों में शून्य से भी नीचे तापमान पहुंच जाता है. मैदानी इलाकों में 4 से 16 डिग्री सेल्सियस तापमान रहता है. सूत्रों का कहना है कि बीते साल अक्टूबर में पंचायत चुनाव के दौरान भी बलों की ओर से ऐसी कवायद की गई थी.

सर्दी बढ़ने पर टेंटों में रहने वाले जवानों को उचित व्यवस्था वाले शेल्टर में शिफ्ट किया जाता है. सुरक्षा बलों का आपस में भी तालमेल रहता है. सीएपीएफ के डीजीपी रैंक के एक अधिकारी ने कहा, हम सुनिश्चित करेंगे कि हर जवान को सर्दियों के कपड़ों समेत सभी ज़रूरी सुविधाएं मिलें. अधिकतर सुरक्षा बलों को पहले से ही अंदाज़ था कि जवानों की तैनाती लंबे समय के लिए है तो उसी हिसाब से पहले से ही तैयारी की गई है.
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