बॉम्बे हाईकोर्ट में मालेगांव ब्लास्ट मामले में कर्नल पुरोहित की अर्जी पर सुनवाई टली

Malegaon Blast Case मालेगांव ब्लास्ट मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित की ओर से दायर अर्जी पर बंबई हाईकोर्ट में सुनवाई 2 अगस्त तक के लिए टाल दी गई और कोर्ट ने गवाहों के बयानों की गैर काट-छांट वाली प्रतियों की मांग की है, जोकि चार्जशीट का हिस्सा थी।
गौरतलब है कि बीते सोमवार (15 जुलाई) को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बंबई हाईकोर्ट से कहा था कि वह 2008 मालेगांव विस्फोट मामले में अभियोजन पक्ष के उन गवाहों के साक्ष्यों की एक सप्ताह तक जांच नहीं करेगा जिनके नाम और बयानों के साथ कांट छांट की गई है। एनआईए ने न्यायमूर्ति आई ए महंती और न्यायमूर्ति ए एम बदर की खंडपीठ के सामने यह बयान दिया था।
– 29 सितंबर 2008 को हुए मालेगांव धमाके में 4 लोगों की मौत हो गई थी और 79 को चोटें आईं। नासिक जिले के मालेगांव शहर में शकील गुड्स ट्रांसपोर्ट कंपनी के पास यह धमाका हुआ। यहां एक मोटरसाइकिल में छिपाकर विस्फोटक पदार्थ रखा हुआ था।
– इस धमाके की जांच महाराष्ट्र एटीएस को सौंपी गई। एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे (26/11 मुंबई आतंकी हमले में शहीद हो गए) ने इसकी जांच शुरू की तो मोटरसाइकिल मालिक की जांच उन्हें सूरत तक ले गई। यहीं से एटीएस के हाथ साध्वी प्रज्ञा ठाकुर तक पहुंचे।
– इसी क्रम में कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित और रिटायर मेजर रमेश उपाध्याय भी गिरफ्त में आए। इस धमाके में अभिनव भारत संगठन की तरफ भी उंगलियां उठीं। इनमें से कुछ लोगों के नाम मालेगांव 2006 जैसे अन्य घटनाओं में भी आया।
– 20 जनवरी 2009 और 21 अप्रैल 2011 को महाराष्ट्र एटीएस ने मुंबई की विशेष मकोका अदालत में 14 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। 8 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जबकि 4 को जमानत मिल गई। इनके अलावा दो आरोपी गिरफ्त से बाहर थे।
– गृह मंत्रालय के निर्देशों पर 13 अप्रैल 2011 को यह मामला महाराष्ट्र एटीएस से एनआईए को सौंप दिया गया।
– 13 मई 2016 को एनआईए ने सबूतों के अभाव मे अपनी चार्जशीट में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और पांच अन्य के खिलाफ सभी आरोप वापस ले लिए।
– 28 जून 2016 को विशेष एनआईए कोर्ट ने इस मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। जबकि इससे एक महीने पहले ही जांच एजेंसी ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी।
– 25 अप्रैल 2017 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को सशर्त जमानत दे दी। लेकिन उन्हें अपना पासपोर्ट एनआइए के पास जमा कराना होगा और 5 लाख रुपये की जमानत राशि भी देनी होगी। इसके अलावा साध्वी को ट्रायल कोर्ट में तारीखों पर उपस्थित होने का भी निर्देश कोर्ट ने दिया है।
– 30 अक्टूबर 2018 को मुंबई की एक विशेष कोर्ट ने 2008 में हुए मालेगांव बम धमाका मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और पांच अन्य के खिलाफ आतंकी गतिविधियों, आपराधिक साजिश, हत्या व अन्य धाराओं में आरोप तय कर दिए।
– 11 मई 2019 आरोपी समीर कुलकर्णी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है।
– 20 जून 2019 को मुंबई की विशेष एनआइए कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की हफ्ते में एक बार हाजिर होने को लेकर छूट की मांग को खारिज कर दिया था।





