स्वास्थ्य प्रमाणपत्र को अनिवार्य रखने के बावजूद हर साल कई श्रद्धालुओं की मौत, मरने वालों की संख्या 23 पहुंची

श्री बाबा अमरनाथ यात्रा के दौरान हृदयघात से मरने वालों की संख्या 23 पहुंच गई है। यात्रा के 22 दिनों में 23 श्रद्धालुओं की मौत ने श्री बाबा अमरनाथ श्राइन बोर्ड की चिंताएं बढ़ा दी हैं। सोमवार को भी राजस्थान से बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए आए 63 वर्षीय श्रद्धालु की बालटाल शिविर में हृदयघात से मौत हो गई। श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य के पुख्ता प्रबंध किए जाने के बावजूद हर दिन एक से अधिक श्रद्धालु मौत होना बोर्ड की व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है। यही वजह है कि बोर्ड ने एक बार फिर श्रद्धालुओं से पूरी तरह से स्वस्थ्य होने पर ही यात्रा शुरू करने की हिदायत दी है।

बाबा अमरनाथ की यात्रा एक जुलाई को शुरू हुई थी। समुंद्र तल से 3888 मीटर ऊंचाई पर स्थित बाबा बर्फानी की गुफा तक जाने के लिए दुर्गम रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। कई जगहों पर आक्सीजन की कमी भी होती है। इस कारण कइयों को हृदयघात हो जाता है। राजस्थान से यात्रा पर आए प्रह्लाद राय पुत्र चौथमल जीगर निवासी राजस्थान दुर्गम यात्रा कर पवित्र गुफा के नजदीक पहुंच गए थे। इससे पहले की वह बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए पवित्र गुफा की ओर प्रस्थान करते उनके दिल में जोरदार दर्द शुरू हो गया। उनके साथ आए साथियों ने उन्हें तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद भी जब कोई राहत नहीं मिली तो उन्हें हेलीकाप्टर के मदद से बालटाल स्वास्थ्य शिविर पहुंचाया गया। इससे पहले की डॉक्टर उनका इलाज शुरू करते उन्होंने प्रह्लाद को मृत लाया घोषित कर दिया।

 

यात्रा के लिए बोर्ड द्वारा स्वास्थ्य प्रमाणपत्र को अनिवार्य रखने के बावजूद हर साल कई श्रद्धालुओं की मौत हो जाती है। इस साल अभी तक 23 की मौत हुई है। इनमें 19 श्रद्धालु, दो सेवादार और दो सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। इसके अलावा तीस श्रद्धालु यात्रा मार्ग पर पत्थर गिरने से घायल हो गए हैं। इन सभी को अस्पतालों में भर्ती करवा कर प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। यही नहीं यात्रा मार्ग पर माउंटेन रेस्क्यू टीमें, आईटीबीपी के जवान व अन्य सुरक्षा कर्मी भी श्रद्धालुओं की पूरी देखभाल कर रहे हें। अपने साथ उन्होंने आक्सीजन का प्रबंध भी रखा हुआ है। कई श्रद्धालुओं की वे जान बचा चुके हैं। लेकिन बावजूद इसके अभी भी कइयों की हृदयघात से मौत हुई है।

मौसम, यात्रा मार्ग की जानकारी

इस बार यात्रा के आधार शिविर बालटाल में एफएम रेडियो भी स्थापित किया है। इसमें श्रद्धालुओं को भजन सुनाने के अलावा मौसम के बारे में पल पल की जानकारी दी जा रही है। यही नहीं श्रद्धालुओं को यह भी बताया जा रहा है कि यात्रा मार्ग पर अपने स्वास्थ्य की देखभाल किस तरह से करें। श्राइन बोर्ड की हेल्थ एडवाइजरी के बारे में यात्रा करने वालों को लगातार जानकारी दी जाती है।

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