सावन मेले की तैयारी के मद्देनजर दरबार में हर सोमवार पांच क्विंटल माला-फूलों से सजेगा पूरा परिसर

सावन मेले की तैयारी के मद्देनजर श्रीकाशी विश्वनाथ के दरबार में भव्य सजावट होगी। हर सोमवार पांच क्विंटल माला-फूलों से पूरा परिसर सजेगा। इसमें बेला, गुलाब व गेंदा के फूल गमकेंगे। साथ ही अशोक व कामिनी की पत्ती से परिसर हराभर दिखेगा। इतना ही नहीं बैरिकेडिंग से लेकर मंदिर के अंदर तक रेड कारपेट बिछाई जाएगी ताकि भक्तों का पैर न जले। इस वर्ष श्रावण मास 17 जुलाई 2019 से आरंभ होकर 15 अगस्त 2019 को समाप्त होगा।

सावन में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में प्रथम सोमवार 22 जुलाई को भगवान शकर का श्रृंगार, द्वितीय सोमवार 29 जुलाई को भगवान शकर व मा पार्वती का श्रृंगार, श्रावण मास के तृतीय सोमवार व नागपंचमी पांच अगस्त 2019 को अर्धनारीश्वर का श्रृंगार, श्रावण मास के चतुर्थ सोमवार 12 अगस्त 2019 को रुद्राक्ष से श्रृंगार तथा 15 अगस्त 2019 रक्षाबंधन, पूर्णिमा को शिव-पार्वती व गणेश जी की चल प्रतिमाओं का झूला श्रृंगार होगा।

गेट नंबर एक से दर्शन करेंगे डाक बम श्रीकाशी विश्वनाथ का दर्शन करने के लिए डाक बम भी पहुंचेंगे। इनके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। गेट नंबर एक जो बाबा दरबार का मुख्य गेट है, इससे डाक बम दर्शन के लिए प्रवेश करेंगे। इसी गेट से उनकी वापसी होगी। डाक बम के साथ उनके सहयोगी भी दर्शन के लिए जा सकेंगे। गेट नंबर एक दिव्यांग भक्तों के लिए भी आरक्षित किया गया है। वहीं आम दर्शनार्थियों के लिए गेट नंबर चार का चयन किया गया है। निकासी के लिए कालिका गली में बने नए गेट नंबर पांच से व्यवस्था की गई है।

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