राजद के मुख्‍यमंत्री प्रत्‍याशी तेजस्वी ही होंगे, बूथ स्‍तर पर संगठन का होगा विस्‍तार

राजद 2020 का बिहार विधान सभा चुनाव तेजस्‍वी यादव के नेतृत्‍व में ही लड़ेगा। इसमें कोई किंतु-परंतु नहीं है। इतना ही नहीं, तेजस्‍वी यादव ही राजद के मुख्‍यमंत्री प्रत्‍याशी होंगे। इस पर भी मुहर लग गई है। इसके साथ ही तेजस्वी यादव की गैर मौजूदगी के बाद लगाई जा रही अटकलों पर राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने विराम लगा दिया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सर्वसम्मति से तेजस्वी के नेतृत्व में फिर विश्वास जताया है और उन्हें विधानसभा चुनाव में पार्टी का मुख्यमंत्री प्रत्याशी बनाया है।

सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता की लड़ाई से समझौता नहीं 

राजद राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पारित राजनीतिक प्रस्ताव में पार्टी ने साफ कर दिया कि वह अपने सामाजिक सरोकारों और पुरानी पहचान को बरकरार रखेगा। सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता की लड़ाई से समझौता नहीं करेगा। राजद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव कमर आलम, प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे, आलोक मेहता, राष्ट्रीय प्रवक्ता नवल किशोर कुमार एवं चितरंजन गगन ने भी संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी की सामाजिक और राजनीतिक स्वीकार्यता पर मुहर लगा दी।

हार की जिम्‍मेवारी से तेजस्‍वी को किया मुक्‍त

खास बात‍ कि वरिष्ठ नेताओं ने हार की जिम्मेवारी से भी तेजस्वी को मुक्त कर दिया और कहा कि हम हारे नहीं हैं, बल्कि छल के सहारे हमें हराया गया है। हम एकजुटता के साथ दोबारा खड़े होंगे। बैठक में मौजूद सभी नेताओं की जुबान पर लालू प्रसाद छाए रहे। सबने उनके नाम पर ही सियासी रूप से गतिशील रहने एवं गरीबों, दलितों, अकलियतों, पिछड़ों, अतिपिछड़ों एवं समाज के अंतिम पायदान के लोगों पर जुल्म के खिलाफ संघर्ष का संकल्प लिया। लालू के जेल में होने का मुद्दा भी उछाला गया। केंद्र एवं राज्य सरकार पर समान रूप से हमले किए गए। जनता के विरुद्ध काम करने के आरोप लगाए गए।

अब बूथ स्तर पर भी चुनाव कराएगा राजद 

राजद अपने संगठन का पुनर्गठन विधानसभा चुनाव के पहले ही कर लेगा। अबकी बूथ स्तर पर भी कमेटी का गठन होगा। अभी तक पंचायत स्तर पर ही होता था। वरिष्ठ नेता जगदानंद सिंह को राजद के राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी बनाया गया है। चितरंजन गगन को सहायक की जिम्मेवारी दी गई है। चुनाव की प्रक्रिया नौ अगस्त से शुरू होकर अगले साल 15 अप्रैल तक चलेगी। नौ अगस्त से 31 दिसंबर तक सदस्यता अभियान चलेगा। 13 फरवरी तक सदस्यों की सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा। 15 फरवरी से चुनाव शुरू कर दिया जाएगा। प्रखंडों एवं जिलों के चुनाव 15 मार्च तक करा लिए जाएंगे। 18 मार्च को प्रदेश अध्यक्ष और 15 अप्रैल को राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा।

राजनीतिक प्रस्ताव 

  • सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता की लड़ाई से समझौता नहीं करेगा राजद
  • लोकसभा चुनाव में पराजय की जिम्मेवारी से भी तेजस्वी को किया मुक्त
  • हम हारे नहीं, बल्कि छल के सहारे हराया गया, संघर्ष करके फिर खड़े होंगे
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