PM मोदी ने 5 ट्रिलियन को असंभव बता रहे लोगों को एक कविता के जरिए दिया ये जवाब….

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रव्यापी सदस्यता अभियान का आगाज किया. उन्होंने टोल फ्री नंबर से शुरू इस सदस्यता अभियान के दौरान पांच सदस्यों को प्रमाण पत्र भी सौंपा. इस मौके पर उन्होंने कहा कि पांच ट्रिलियन इकॉनमी को देश कैसे पा सकता है, इसकी दिशा हमने तय कर दी है. साथ ही उन्होंने एक कविता के जरिए न्यू इंडिया का रोडमैप बताया. कविता की लाइनें कुछ यूं हैं… 
वो जो सामने मुश्किलों का अंबार है, उसी से तो मेरे हौसलों की मीनार है
चुनौतियों को देखकर घबराना कैसा, इन्हीं में तो छिपी संभावना अपार है
विकास की यज्ञ में परिश्रम की महक है, यही तो मां भारती का अनुपम श्रृंगार है
गरीब-अमीर बने नए हिंद की भुजाएं, बदलते भारत की यही तो पुकार है
देश पहले भी चला और आगे भी बढ़ा, अब न्यू इंडिया दौड़ने को बेताब है
दौड़ना ही तो न्यू इंडिया का सरोकार है…
वहीं, एक कविता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण शुरू होने से पहले भी सुनाई गई. इस कविता के जरिए भारतीय जनता पार्टी की उपलब्धियां गिनाई गईं, कविता की लाइनें….
उठ जाग दौड़ भाग जा पहुंच क्षितिज पार, मिला रगों में देश राग
तू एक व्यक्ति नहीं समूह है, केवल शरीर नहीं देश की रूह है
जुट जा देश बनाने वालों के साथ, जुड़ जा देश बढ़ाने वालों के साथ
आगे बढ़ना भारत का है गर्व तू, बन जा देश का संगठन पर्व तू….
कविता के माध्यम से पार्टी सदस्यता अभियान से जुड़ने की अपील की गई. कुछ इस तरह…’विश्व की सबसे बड़ी जिसने न केवल देश में दोबारा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई, बल्कि आज देश के 17 राज्यों में और सहयोगी दलों के साथ बीजेपी की सरकार है. जिस दल में रहकर अटल जी, मोदी जी जैसे राष्ट्र नेता देश की सेवा करते आए हैं, आप भी उस दल का हिस्सा बनिए.’
बता दें कि दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद शनिवार नरेंद्र मोदी वाराणसी पहुंचे. यहां पीएम मोदी बीजेपी की सदस्यता दिलाकर भाजपा के देशव्यापी सदस्यता अभियान की शुरुआत कर चुके हैं. साथ ही अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने बजट पर चर्चा की.
पीएम मोदी ने अपने भाषण में एक अंग्रेजी कहावत size of the cake matters का प्रयोग करते हुए कहा कि जितना बड़ा केक होगा उसका उतना ही बड़ा हिस्सा लोगों को मिलेगा, इसलिए हमने भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने पर जोर दिया है.





