पीडीडीयू नगर में ट्रेन की स्पीड कम होने के कारण दुर्घटनाग्रस्त होने से बची भुवनेश्वर राजधानी एक्‍सप्रेस

पीडीडीयू नगर में 22824 डाउन भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन बोगी में लगा ट्रैक्शन मोटर गुरुवार को तेज आवाज के साथ ट्रैक पर ही गिर गया। यह संयोग ही था कि ट्रेन की स्पीड कम होने के कारण बड़ी दुर्घटना नहीं हुई। घटना की जानकारी होते ही महकमे में हड़कंप मच गया और अपर मंडल रेल प्रबंधक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

22824 डाउन भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन बोगी में लगा ट्रैक्शन मोटर का ब्रैकेट बुधवार की देर रात तेज आवाज के साथ ट्रैक पर गिर गया। यह संयोग ही रहा कि ट्रेन की स्पीड कम होने के कारण बड़ी घटना नहीं हुई। घटना की जानकारी होते ही अपर मंडल रेल प्रबंधक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। क्रेन से इंजन को ट्रैक पर लगाया गया। चालक ट्रेन को पुन: प्लेटफार्म पर लेकर पहुंचा जहां दूसरा इंजन लगाया गया। ट्रेन लगभग ढाई घंटे विलंब से आगे के लिए रवाना हुई। घटना के कारण आठ ट्रेनें भी जहां तहां खड़ी हो गईं। डीआरएम ने घटना की जांच का आदेश अधीनस्थों को दिया। नई दिल्ली से भुनेश्वर जा रही राजधानी एक्सप्रेस बुधवार की रात जंक्शन पर पहुंची। ट्रेन के चालक गिरीश कुमार व सह चालक मैनेजर सिंह ट्रेन को लेकर आगे के लिए रवाना हुए। ट्रेन के इंजन का ट्रैक्शन मोटर का ब्रैकेट यार्ड में अचानक टूट गया।

चालक व सह चालक ने जानकारी होते ही सूझबूझ से सिग्नल संख्या 134 पर क्रासिंग केबिन के पास रात 2.13 बजे रोक दिया। चालक व सह चालक ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। घटना की जानकारी होते ही अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। थोड़ी देर बाद क्रेन को मौके पर बुलवाया गया। चालक ने ट्रेन को प्लेटफार्म संख्या दो पर लाकर खड़ी किया, यहां दूसरे इंजन लगाया गया। इसके बाद 4.56 बजे ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई।
ये ट्रेनें हुईं प्रभावित : घटना के कारण 12310 नई दिल्ली-राजेंद्र नगर टर्मिनल राजधानी एक्सप्रेस, 12368 विक्रमशीला एक्सप्रेस, 12394 संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, 12295 संघमित्रा एक्सप्रेस, 12392 श्रमजीवी एक्सप्रेस, 12398 महाबोधि एक्सप्रेस, 13050 अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस, 15631 बाड़मेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस ट्रेन जहां तहां खड़ी हो गईं।

ट्रेन की जांच में हुई चूक : जंक्शन के प्लेटफार्म पर ट्रेनों के आकर रूकने के बाद रूटीन चेकिंग की जाती है। इस दौरान ट्रेनों में कहां क्या गड़बड़ी है, इसकी गहनता पूर्वक जांच कर्मी करते हैं। गड़बड़ी मिलने पर तत्काल दुरुस्त भी किया जाता है। सोचनीय यह है कि राजधानी जैसी ट्रेन की जांच करने में आखिर कहां से चूक हो गई। अगर सही से जांच की गई होती तो घटना नहीं होती।

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