इस अंतरराष्ट्रीय महासंघ को ओलंपिक समिति ने किया निलंबित

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघ (आइबा) को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आइओसी) ने  निलंबित कर दिया है. आइओसी के महानिदेशक क्रिस्टोफ डी केपर ने पत्र जारी करते हुए कहा है कि 2020 टोक्यो ओलंपिक तक आइबा को बहाल नहीं किया जाएगा. ओलंपिक में क्वालीफाई करने वाले सभी देशों के मुक्केबाज आइओसी के बैनर तले ओलंपिक में खेलेंगे. आइए जानते है पूरी जानकारी विस्तार से

इस मामले में आइओसी ने कहा कि 2018 यूथ ओलंपिक के समय से वित्त संबंधित शिकायतें मिल रही थीं.बताया जा रहा है कि इसके अलावा भी कुछ देशों की फेडरेशन ने स्विट्जरलैंड स्थित आइओसी मुख्यालय में वित्त संबंधित शिकायतें की थीं, जिसके खिलाफ आइओसी की कमेटी ने जांच की। जांच में दोषी पाए जाने की रिपोर्ट आने के बाद आइबा को निलंबित किया गया है। आइओसी ओलंपिक के बाद आइबा से बात करेगी.

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अगले कुछ माह में टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई मुकाबले शुरू होंगे. आइओसी द्वारा बनाई गई टास्क फोर्स आइबा की जगह ओलंपिक के लिए काम करेगी. टोक्यो ओलंपिक क्वालीफाई से संबंधित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता टास्क फोर्स आयोजित करेगी और इसके रेफरी व जज का चयन भी टास्क फोर्स करेगी और आइबा द्वारा आयोजित प्रतियोगिता टास्क फोर्स को कोई लेना देना नहीं है. आइओसी ने सभी देशों के ओलंपिक संघ को आदेश दिए हैं कि वह तय करें कि क्वालीफाइंग प्रतियोगिता के लिए मुक्केबाजों की टीम किनकी देखरेख में जाएंगी. अब भारत में भारतीय ओलंपिक संघ को तय करना है कि मुक्केबाज क्वालीफाइंग प्रतियोगिता में अपनी देखरेख में भेजेगा या भारतीय मुक्केबाजी महासंघ की देखरेख में जाएंगे।टोक्यो ओलंपिक में मुक्केबाजों के वजन में बदलाव किए गए हैं. रियो ओलंपिक में पुरुष स्पर्धा में 10 वजन में मुक्केबाज शामिल हुए थे, तो अब टोक्यो में आठ वजन शामिल किए गए हैं. रियो ओलंपिक में महिला स्पर्धा में तीन वजन में मुक्केबाज शामिल थे और टोक्यो में पांच वजन शामिल किए जा रहे हैं.

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