अब पीजी मेडिकल प्रवेश में मराठा समुदाय के छात्रों को 16 फीसद मिलेगा आरक्षण

महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनोंं ने शुक्रवार तो एसईबीसी अधिनियम (सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग) में एक संशोधन पारित किया, जिससे पीजी मेडिकल प्रवेश में मराठा समुदाय के छात्रों को 16 फीसद आरक्षण मिलेगा।

पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों में मराठा आरक्षण पर कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने पीजी मेडिकल और दंत चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 16 फीसद मराठा आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार को महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि वह मराठा आरक्षण के महाराष्ट्र सरकार के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिका पर 24 जून को सुनवाई करेगी। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को अधर में नहीं छोड़ा जा सकता। हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे का निर्णय करना ही होगा। याचिकाकर्ताओं ने बांबे हाई कोर्ट के 13 जून के आदेश को चुनौती दी है।

हाई कोर्ट ने पीजी मेडिकल और दंत चिकित्सा पाठ्यक्रमों में 16 फीसद मराठा आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने पहले शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी और उन्हें राहत के लिए हाई कोर्ट जाने की सलाह दी गई थी। पीठ ने इस तथ्य का भी जिक्र किया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो के लिए प्रवेश में आरक्षण से संबंधित इसी तरह के एक अन्य मामले में शीर्ष अदालत ने कहा था कि कोई अन्य अदालत ऐसी याचिका पर विचार नहीं करेगी।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर नफडे ने दलील दी कि हाई कोर्ट ने शीर्ष अदालत के चार जून के आदेश के मद्देनजर मामले पर विचार ही नहीं किया। शीर्ष अदालत ने इस आदेश के तहत कहा था कि कोई भी अन्य अदालत पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश से संबंधित किसी भी याचिका पर विचार नहीं करेगी।

Back to top button