फर्जी ऋण लेने के मामले में राष्ट्रीय समाज पक्ष के नेता रत्नाकर गट्टे के ठिकानों पर ईडी ने छापे मारकर ली तलाशी

हजारों किसानों के नाम पर फर्जी ऋण लेने के मामले में राष्ट्रीय समाज पक्ष के नेता रत्नाकर गट्टे के ठिकानों पर गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापे मारकर तलाशी ली। रत्नाकर गट्टे हिंदी फिल्म “द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर” के निर्देशक विजय गट्टे के पिता हैं, और उनकी पार्टी महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी का सहयोगी दल है।

रत्नाकर गट्टे महाराष्ट्र में शक्कर कारखाना चलाते हैं। आज उनके परभणी, नागपुर और मुंबई के कई ठिकानों पर ईडी ने छापे मारे। ये छापे बहुकरोड़ीय बैंक ऋण घोटाले के मामले में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मारे गए हैं। रत्नाकर गट्टे पर आरोप है कि उन्होंने पांच राष्ट्रीयकृत एवं एक निजी क्षेत्र के बैंक से ऐसे हजारों किसानों के नाम पर ऋण लिया, जिन्हें पता भी नहीं था कि उनके नाम पर कोई ऋण लिया गया है। ये सभी किसान रत्नाकर गट्टे द्वारा चलाए जा रहे शक्कर कारखाने गंगाखेड़ सुगर एंड एनर्जी प्रा. लि. के सदस्य हैं। इस घोटाले का खुलासा तब हुआ, जब एक किसान यूको बैंक में फसली ऋण का आवेदन करने गया। उसे बताया गया कि उसके नाम पर नागपुर में आंध्रा बैंक की धरमपेठ शाखा में पहले से एक ऋण चल रहा है।

यह मामला खुलने के बाद उक्त किसान मुंबई उच्चन्यायालय की औरंगाबाद पीठ के सामने मामले की जांच के लिए याचिका दायर की। औरंगाबाद पीठ के निर्देश पर जब महाराष्ट्र पुलिस ने जांच शुरू की, तो पता चला कि कुल छह बैंकों से हजारों के किसानों के नाम पर 328 करोड़ का घोटाला किया गया है। जांच एजेंसी का मानना है कि जिन किसानों के नाम पर गट्टे ने फर्जी ऋण लिए हैं, उनमें से बहुतों का तो अस्तित्व ही नहीं है, कुछ मर चुके हैं, जबकि जो जीवित हैं, उन्हें भी अपने नाम पर ऋण लिए जाने की कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि रत्नाकर गट्टे ने 2014 में राष्ट्रीय समाज पक्ष के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। लेकिन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से हार गए थे।

रत्नाकर गट्टे के फिल्म निर्देशक पुत्र विजय गट्टे भी पिछले वर्ष सीजीएसटी घोटाले में जेल जा चुके हैं। विजय गट्टे पर सीजीएसटी एक्ट की धारा 132 (1)(सी) के तहत दर्ज किया गया था। उन पर 170 करोड़ का जीएसटी घोटाला करनेवाली एक कंपनी से फर्जी बिलों के जरिए व्यापार करने का आरोप लगा था, जिसमें उनके द्वारा 34 करोड़ की टैक्स चोरी की गई थी। तीन फिल्मों का निर्माण और एक का निर्देशन कर चुके विजय गट्टे को तब कुछ दिनों के लिए मुंबई की आर्थर रोड जेल में रहना पड़ा था।

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