बॉम्बे हाई कोर्ट ने मेहुल चोकसी की याचिका पर 10 जून तक के लिए सुनवाई कर दी स्थगित

बॉम्बे हाई कोर्ट ने मेहुल चोकसी की याचिका पर 10 जून तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी है। चोकसी ने उच्च न्यायालय में दो याचिकाएं दाखिल की है। जिसमें एक उसे आर्थिक भगोड़ा घोषित किए जाने और दूसरी उसे उस व्यक्ति के साथ जिरह करने की अनुमति देने के लिए है, जिसके बयानों के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उसे भगोड़ा घोषित किया था।

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को कोर्ट में दिए अपने हलफनामे में कहा कि मेहुल चोकसी पर पीएनबी घोटाले में 6,097 करोड़ रुपये का घोटाले का आरोप है। ईडी ने समन जारी कर उसे पेश होने का निर्देश दिया था लेकिन उसने जांच में सहयोग करने से इनकार कर दिया। 

हलफनामे में कहा गया है कि मेहुल भगोड़ा और फरार है। वह जानबूझकर और इरादतन जांच एजेंसी के सामने नहीं आ रहा है जबकि एक विशेष अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह दर्शाता है कि उसके मन में देश के कानून के प्रति कोई सम्मान नहीं है। 

ईडी ने कहा कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून के तहत यदि कोई भगोड़ा खुद अदालत में पेश होता है तो कार्यवाही समाप्त की जा सकती है। हालांकि, अगर व्यक्ति पेश नहीं हुआ तो अदालत उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर सकती है और उसकी संपत्तियों को जब्त कर सकती है।

हलफनामे में कहा गया, ‘कानून का एकमात्र उद्देश्य भगोड़े अपराधी को भारत लौटने के लिए तथा उसे कार्यवाही का सामना करने के लिए बाध्य करना है।Ó उच्च न्यायालय मंगलवार को याचिकाओं पर विचार करेगा। चोकसी ने अपनी याचिका में दावा किया था कि वह सेहत संबंधी दिक्कतों के कारण भारत नहीं लौट सकते।

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