कल दिल्ली की 10 सीटों पर पड़ेंगे वोट, पूर्व CM व केंद्रीय मंत्री तक हैं मैदान में

लोकसभा चुनाव के छठे दौर के चुनाव के लिए शुक्रवार शाम प्रचार समाप्त हो गया। इस चरण में दिल्ली-हरियाण समेत सात राज्यों की 59 सीटों पर 12 मई को मतदान कराए जाएंगे। जिन सीटों पर मतदान कराए जाएंगे, उनमें से उत्तर प्रदेश की 14, हरियाणा की 10, तीन राज्यों बिहार, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में आठ-आठ सीटें और दिल्ली की सात तथा झारखंड की चार सीटें शामिल हैं।

2014 के लोकसभा चुनाव में इनमें से भाजपा ने 45, तृणमूल कांग्रेस ने आठ, कांग्रेस ने दो और सपा एवं लोजपा ने एक-एक सीट जीती थी। शुक्रवार शाम लाउडस्पीकरों का शोर थम गया। चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों के मुताबिक मतदान से पहले 48 घंटे की अवधि में उम्मीदवार किसी भी माध्यम से प्रचार अभियान नहीं कर सकते हैं। रविवार को दिल्ली की सभी सातों सीटों पर मतदान कराया जाएगा। चुनाव में करीब 164 प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं।

दिल्ली की सातों सीटों के लिए थमा प्रचार 
दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों के लिए रविवार को होने वाले मतदान के लिए चुनाव प्रचार शुक्रवार शाम छह बजे थम गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के अनुसार अब प्रचार का कोई भी माध्यम नहीं अपनाया जा सकता। कोई भी प्रत्याशी न तो रैली और न ही जुलूस निकाल सकेगा। यही नहीं, उम्मीदवार अपने क्षेत्र में कोई सार्वजनिक बैठक भी नहीं कर पाएंगे। रेडियो व टेलीविजन के माध्यम से भी चुनाव प्रचार पर पाबंदी रहेगी। यहां तक कि नेताओं और पार्टियों के समर्थन में किए जा रहे फोन और एसएमएस पर भी रोक लग जाएगी। इस दौरान आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान पिंट्र और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अलावा सोशल मीडिया पर भी उम्मीदवार प्रचार नहीं कर सकेंगे। मुख्य चुनाव अधिकारी दिल्ली के अनुसार, साइलेंट पीरियड में प्रचार पर रोक सुनिश्चित करने के लिए आयोग की शिकायत निवारण प्रणाली को सुचारु रखा गया है। इसके उल्लंघन करने वालों की शिकायत आयोग के मोबाइल एप, ऑनलाइन और पत्रचार के माध्यम से कर सकता है। सीईओ कार्यालय के अनुसार मतदान कराने के लिए चुनाव आयोग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान रविवार सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा।

तड़के 4 बजे से चलेंगी बसें
मतदान वाले दिन रविवार यानी 12 मई को दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) अपनी सेवाएं सुबह चार बजे से शुरू करेगा। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों, अधिकारियों और मतदाताओं को विभिन्न मतदान केंद्रों में समय से पहुंचाने के लिए डीटीसी करीब 35 रूटों पर सुबह चार बजे से सेवा चलाएगा। बता दें कि इससे पहले दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) भी घोषणा कर चुका है कि मतदान के चलते रविवार को पहली मेट्रो सुबह चार बजे से शुरू होगी। मतदान के दिन मतदाता को बूथ तक पहुंचने में किसी प्रकार परेशानी न हो इसका खयाल रखा जा रहा है।

 

राष्ट्रीय राजधानी में भाजपा, कांग्रेस और आप के बीच त्रिकोणीय संघर्ष के आसार हैं। यहां कांग्रेस नेता शीला दीक्षित, बॉक्सर विजेंदर सिंह, केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, क्रिकेटर गौतम गंभीर आदि प्रत्याशी हैं। इसके अलावा, हरियाणा की एनसीआर में आने वाली सीटों सोनीपत, गुड़गांव, फरीदाबाद में भी 12 मई को ही मतदान होगा। उत्तर प्रदेश में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के क्षेत्रों में भी इसी चरण में वोट पड़ेंगे। 

यह हैं दिग्गज उम्मीदवार

भूपेंद्र सिंह हुड्डा (कांग्रेस, सोनीपत सीट)

शीला दीक्षित (कांग्रेस, उत्तर पूर्वी दिल्ली)

डॉ. हर्ष वर्धन (भाजपा, चांदनी चौक)

राव इंद्रजीत सिंह (भाजपा, गुड़गांव लोकसभा सीट)

उत्तर पूर्वी दिल्ली में कांटे की टक्कर
उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट पर इस बार टक्कर कांटे की है। यहां पर कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित चुनावी मैदान में हैं तो वहीं आम आदमी पार्टी पहले ही यहां से दिलीप पांडे तो दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से ही मौजूदा सांसद मनोज तिवारी चुनावी मैदान में हैं।
1-चांदनी चौक
हर्षवर्धन (BJP)
जेपी अग्रवाल (Congress)
पंकज गुप्ता (AAP)

2. उत्तर पूर्वी दिल्ली 
मनोज तिवारी (BJP)
शीला दीक्षित (Congress)
दिलीप पांडे (AAP)

3. पूर्वी दिल्ली
गौतम गंभीर (BJP)
अरविंदर सिंह लवली (Congress)
अतिशी (AAP)

4. नई दिल्ली 
मीनाक्षी लेखी (BJP)
अजय माकन (Congress)
ब्रजेश गोयल (AAP)

5. उत्तर पश्चिम दिल्ली (आरक्षित सीट)
हंस राज हंस (BJP)

कांग्रेस राजेश लिलोथिया (Congress)
गुग्गन सिंह (AAP)

6. पश्चिमी दिल्ली
प्रवेश वर्मा (BJP)
कांग्रेस महाबल मिश्रा (Congress)

बलवीर सिंह जाखड़ (AAP)

7 दक्षिण दिल्ली
रमेश बिधूड़ी (BJP)
विजयेंद्र सिंह (Congress)
राघव चड्ढा (AAP)

यहां पर बता दें कि 2014 में मोदी लहर के चलते दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी को 46.6 फीसद वोट मिले थे, जबकि AAP ने 33.1 और कांग्रेस ने 15.2 फीसद वोट हासिल किए थे।

2015 के विधानसभा चुनाव में AAP ने 54 फीसद वोटों के साथ 67 सीटों पर कब्जा जमाया था, जबकि भाजपा को 32 फीसद और कांग्रेस को 10 फीसद वोट मिले थे।

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