राजा भैया के खिलाफ प्रतापगढ़ जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन, 6 मई को वोटिंग के दिन…

जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष व वर्तमान विधायक रघुराज प्रताप उर्फ राजा भैया के खिलाफ प्रतापगढ़ जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है. राजा भैया को क्षेत्र में लोकसभा चुनाव की वोटिंग के दौरान नजरबंद रखा जाएगा.
यूपी की कुंडा विधानसभा सीट से विधायक राजा भैया के खिलाफ यह एक्शन 6 मई को प्रतापगढ़ में होने जा रहे पांचवें चरण के मतदान के तहत लिया गया है. एक नेता के रूप में राजा भैया की छवि बाहुबली की मानी जाती है.
राजा भैया के अलावा आठ प्रभावशाली लोगों को नजरबंद करने का फैसला किया गया है. राजा भैया के साथ-साथ बाबागंज विधायक विनोद सरोज, सपा नेता गुलशन यादव, सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव पर भी यह एक्शन लिया गया है. ये सभी नेता सिर्फ वोट देने बूथ तक जाएंगे.
राजा भैया समेत कुंडा के आठ प्रभावशाली लोगों से अशांति फैलने की आशंका के चलते चुनाव आयोग ने यह फैसला किया है.
दरअसल, कौशांबी लोकसभा सीट पर 6 मई को मतदान होना है. इस लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रतापगढ़ जिले की दो विधानसभा सीटें बाबागंज और कुंडा आती हैं. कुंडा से राजा भैया विधायक हैं और यहां उनका खासा प्रभाव माना जाता है. यही वजह है कि इस बार राजा भैया ने शैलेंद्र कुमार के रूप में अपना प्रत्याशी यहां से उतारा है.
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जबकि बीजेपी ने मौजूदा सांसद विनोद कुमार सोनकर को मैदान फिर से मौका दिया है. दूसरी तरफ सपा-बसपा गठबंधन में यह सीट सपा के खाते में गई है और पार्टी ने इंद्रजीत सरोज को प्रत्याशी बनाया है. हालांकि, इंद्रजीत सरोज पहले बसपा में ही थे. कांग्रेस ने गिरीश चंद्र पासी को टिकट दिया है.
बाहुबली की छवि रखने वाले राजा भैया का अपने इलाके में पूरा दमखम चलता है. चुनाव आयोग को किसी अनहोनी की भी आशंका है, जिसके चलते राजा भैया समेत उनके क्षेत्र के कुल आठ नेताओं को मतदान के दिन नजरबंद रखने का फैसला लिया गया है.





