संयुक्त राष्ट्र ने की फोनी तूफान से निपटने के भारत के तरीके की सराहना

संयुक्त राष्ट्र की आपदा न्यूनीकरण एजेंसी ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से चक्रवाती तूफान फोनी की पूर्व चेतावनियों की “लगभग अचूक सटीकता” की सराहना की है. 
इन चेतावनियों ने लोगों को बचाने और जनहानि को काफी कम करने की सटीक योजना तैयार करने में अधिकारियों की मदद की और पुरी तट के पास इस चक्रवाती तूफान के टकराने के बाद ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सकी.
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भारत में पिछले 20 साल में आए इस सबसे भयंकर तूफान ने भारत के पूर्वी राज्य ओडिशा के तट से टकराने के बाद कम से कम आठ लोगों की जान ले ली. तीर्थस्थल पुरी में समुद्र तट के पास स्थित इलाके और अन्य स्थान भारी बारिश के बाद जलमग्न हो गए जिससे राज्य के करीब 11 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. भारतीय मौसम विभाग ने फोनी को “अत्यंत भयावह चक्रवाती तूफान” की श्रेणी में रखा है.
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां फोनी की गति पर करीब से नजर बनाए हुए हैं और बांग्लादेश में शरणार्थी शिविरों में रह रहे परिवारों को बचाने के इंतजाम कर रही हैं. यह तूफान पश्चिम बंगाल में दस्तक देने के बाद बांग्लादेश पहुंच गया है, जिसे अलर्ट पर रखा गया है.





