कालिंदी एक्सप्रेस में हुए धमाके की जांच में पुलिस को मिला ऐसा सबूत, हो सकते हैं कई बड़े खुलासे

कालिंदी एक्सप्रेस में धमाके की जांच उलझ गई है। शुुरुआती जांच में पुलिस ने घटना के पीछे लोकल गिरोह की बात कहकर छह लोगों को उठाकर पूछताछ शुरू की थी। पुलिस अब उनका हाथ होने से इंकार कर रही है। जीआरपी भी किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पा रही है।कालिंदी एक्सप्रेस में हुए धमाके की जांच में पुलिस को मिला ऐसा सबूत, हो सकते हैं कई बड़े खुलासे

हालांकि एटीएस का मानना है कि घटनास्थल से जुटाए गए सुबूतों की फोरेंसिक रिपोर्ट के आने के बाद काफी कुछ स्पष्ट हो जाएगा। 20 फरवरी को बर्राजपुर (शिवराजपुर) रेलवे स्टेशन पर कालिंदी एक्सप्रेस की एक बोगी में शौचालय के पास धमाका हुआ था। घटनास्थल से पुलिस को एक डायरी भी मिली थी। इसमें शिवराजपुर के मक्कड़पुरवा गांव के गिन्ना, अमर सिंह, रंजीत के अलावा पांच अन्य लोगों के नाम लिखे थे।

पुलिस व जीआरपी ने गिन्ना, अमर सिंह और रंजीत से पूछताछ की थी। शुरुआत में एसएसपी, एसपी ग्रामीण ने कहा था कि इन तीनों युवकों को फंसाने केलिए विरोधियों ने साजिश रची थी। अब शिवराजपुर एसओ का कहना है कि जांच में इनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिले हैं। इसलिए मामले की जांच उलझती जा रही और आरोपी शिकंजे से दूर हैं।

खुलासे के लिए एटीएस को भी लगाया गया है। एटीएस की टीम ने भी इन तीनों लोगों से पूछताछ की थी। इसमें कुछ खास जानकारी हासिल नहीं हुई थी। एटीएस के अधिकारियों का कहना है कि कई संदिग्ध लोगों के मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकलवाकर जांच की जा रही है।

डायरी में असरफ, फिरोज, सुलेमान व अकरम का नाम भी लिखा था। इनके पते में पुलवामा व रजौरी दर्ज है। एटीएस केमुताबिक अभी तक इन नामों का सत्यापन नहीं कराया जा सका है। इसकी प्रक्रिया जारी है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अहम सुराग मिल सकता है।

जीआरपी इंस्पेक्टर के मुताबिक शिवराजपुर और बिठूर के आसपास के गांवों के पांच लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इनके बारे में दो यात्रियों ने जानकारी दी है। जल्द ही इनको पकड़कर पूछताछ की जाएगी।

पकड़े गए युवकों से पूछताछ जारी है। अभी तक उनके खिलाफ कोई भी सुबूत नहीं मिले हैं। इसलिए अब अन्य कई बिंदुओं पर भी जांच शुरू की गई है।

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