श्राद्ध से एक दिन पहले मिली खुशखबरी, शहीद की मां बोली- काश ये पहले होता

सोमवार की देर रात भारतीय वायुसेना ने एयर स्ट्राइक कर जैश के कई आतंकियों को एक साथ ढे़र कर दिया. भारतीय वायुसेना ने सीमा पार छिप बैठे जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के खिलाफ सोमवार की देर रात ये कार्रवाई की है. वायुसेना के विमानों ने नियंत्रण रेखा के पार आतंकी कैंप्स पर करीब 1000 किलोग्राम के बम बरसाए. इस हमले में करीब 200-300 आतंकियों के मौत होने की खबर है.
26 फरवरी की रात करीब 3:30 बजे वायुसेना के 12 मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने आतंकियों के बेस कैंप को निशाना बनाया और हमला करते हुए उसे पूरी तरह तबाह कर दिया. वायुसेना की इस कार्रवाई से जहां देश भर में जोश का माहौल है वहीं शहीद के परिजनों ने भी सरकार की इस कार्रवाई पर भरोसा दिलाया है.
पटना से सटे तारेगना के रहने वाले शहीद संजय कुमार सिन्हा के परिवार के लिए ये खुशखबरी बेटे के श्राद्ध से एक दिन पहले आईय. बुधवार को ही संजय का श्राद्ध कर्म उनके पैतृक आवास पर होना है जिसको लेकर तैयारियां चल रही थी. इस बीच मंगलवार की सुबह टीवी के माध्यम से परिवार के लोगों को सेना की कार्रवाई की जानकारी मिली. शहीद संजय कुमार सिन्हा की मां हीरा मणि देवी से जब इस कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सेना को शुक्रिया कहा लेकिन साथ में ये भी बोल गईं कि यह कार्रवाई पीएम को पहले ही करना चाहिए था.
हीरा रोते हुए बोलीं कि अगर कार्रवाई पहले हुई होती तो आज मेरा बेटा मेरे साथ होता. दूसरी ओर सरकार के इस फैसले और वायुसेना की कार्रवाई के बाद संजय के भतीजे ने बताया कि एयर स्ट्राइक हमारे जख्मों को भरने वाला मरहम है. भारत की इस कार्रवाई से पीओके में एक मैसेज दिया गया कि आपको कोई चांस नहीं दिया जाएगा. खुद ठिकाना हटाइये नहीं तो हम उड़ा देंगे.
उन्होंने बताया कि हमें भरोसा है कि 42 जवानों के बदले मोदी जी 420 आतंकियों का शव भारत के लोगों को देंगे. हमें अपने बेटे, भाई की शहादत पर गर्व लेकिन ऐसी कार्रवाई से जितने भी जवान हैं उनका मनोबल बढ़ेंगा. हमें पीएम से आश्वासन चाहिए कि एक भी आतंकी नहीं बचेगा.
मालूम हो कि पुलवामा के हमले में बिहार के मसौढ़ी, तारेगना के रहने वाले संजय को वीरगति प्राप्त हुई थी.





