पीआरसी के मुद्दे पर अरुणाचल में सामान्य हो रहे हैं हालात, लेकिन अभी भी जारी कर्फ्यू

पीआरसी के मुद्दे पर पिछले चार दिन से सुलग रहे अरुणाचल प्रदेश में तेजी से हालात सामान्य हो रहे हैं। राज्य में सोमवार को कहीं से किसी हिंसक वारदात की सूचना नहीं मिली। राजधानी ईटानगर व आसपास के इलाकों में बेमियादी कर्फ्यू लागू है और इंटरनेट सेवाएं भी ठप हैं। छह जनजातियों को स्थायी निवास प्रमाणपत्र देने के संयुक्त उच्चाधिकार समिति की सिफारिशों के विरोध में बडे़ पैमाने पर भड़की हिंसा व आगजनी में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सैकड़ों वाहन, शॉपिंग माल के अलावा उपमुख्यमंत्री का बंगला भी जला दिया था।
संयुक्त समिति ने राज्य के नामसाई और चांगलांग जिलों में रहने वाले छह ऐसी जनजातियों को स्थायी निवास प्रमाणपत्र देने की सिफारिश की थी जो अरुणाचल के मूल निवासी नहीं हैं लेकिन दशकों से यहां रह रहे हैं। सरकार ने इन सिफारिशों को शनिवार को विधानसभा में पेश करने का एलान किया था। इसके बाद ही राज्य में हिंसा भड़क उठी। 16 संगठनों ने इसके विरोध में बृहस्पतिवार से 48 घंटे बंद की अपील की थी।
शुक्रवार शाम से लोग हिंसक हो उठे। शनिवार और रविवार को भी हिंसा और आगजनी हुई। इस दौरान पुलिस की गोली से दो युवकों की मौत से लोगों का गुस्सा और भड़क उठा। बिगड़े हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने फिलहाल समिति की सिफारिशों को ठंडे बस्ते में डालने का एलान किया है। इस बीच, केंद्र ने राज्य में केंद्रीय बलों की 10 और कंपनियां भेज दी हैं।
हिंसा के पीछे कुछ ‘ताकतों’ का हाथ : खांडू
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पीआरसी के मुद्दे पर राज्य में भड़की हिंसा के लिए कुछ ‘ताकतों’ को हाथ बताया है। उन्होंने लोगों से प्रदर्शन खत्म करने शांति बनाए रखने में सरकार का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन पहले ही पीआरसी मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं। पीआरसी मुद्दे को खत्म बताते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि इस पर संवादहीनता की स्थिति रही। सरकार का रुख जनता तक नहीं पहुंच सका और लोग भड़क उठे। उन्होंने कहा कि हिंसक प्रदर्शनों और इसके चलते हुए नुकसान की कमिश्नर स्तर जांच के आदेश दिए गए हैं। हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजे का भी एलान किया। साथ ही उन्होंने पीआरसी मुद्दे पर विभिन्न समुदायों के नेताओं से फोन पर बात भी की।
अरुणाचल प्रदेश में नहीं लगेगा राष्ट्रपति शासन : रिजिजू
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की संभावना से इनकार किया है। हालांकि उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीआरसी मुद्दे पर लोगों को सही ढंग से समझाने में नाकाम नहीं है। रिजिजू ने कहा कि पेमा खांडू के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को सिविल सोसायटी से बातचीत शुरू करने, जल्द से जल्द हालात सामान्य बनाने समेत सभी संभव कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि छह समुदायों को स्थायी आवास प्रमाण पत्र (पीआरसी) देने के मुद्दे पर राज्य के लोगों में भारी भ्रम की स्थिति है। उन्होंने पेमा खांडू की जगह किसी दूसरे को मुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलों को भी खारिज किया। कांग्रेस खांडू के इस्तीफे और राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रही है।





