मनी लांड्रिंग केस : ईडी ने वाड्रा से मांगे सवालों के लिखित जवाब, फिर होगी पूछताछ

मनी लांड्रिंग केस में रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें कुछ ई-मेल दिखाए, कुछ सवाल दोहराए और कुछ सवालों का लिखित जवाब मांगा। सूत्रों के मुताबिक ईडी ने वाड्रा से सुमित चड्ढा के उस मेल को लेकर सवाल किया जिसमें लंदन की संपत्ति का जिक्र है। हालांकि वाड्रा ने दूसरे दिन भी ऐसा कोई मेल करने या देखने से इनकार किया। बुधवार को मौखिक तौर पर पूछे गए सवालों के बाद बृहस्पतिवार को ईडी ने वाड्रा से लंदन की संपत्तियों को लेकर लिखित जवाब भी मांगा। वाड्रा ने कई सवालों के लिखित जवाब दिए और बयान दर्ज कराया। बयान ‘धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002’ (पीएमएलए) की धारा 50 के तहत दर्ज किया जा रहा है। मनी लांड्रिंग केस : ईडी ने वाड्रा से मांगे सवालों के लिखित जवाब, फिर होगी पूछताछ

वाड्रा से संजय भंडारी, शिखर चड्ढा और मनोज अरोड़ा से जुड़े कुछ ई-मेल को लेकर फिर सवाल किए गए। बुधवार को वाड्रा ने बताया था कि वह अरोड़ा के सिवा किसी और को नहीं जानते। अरोड़ा को उन्होंने अपनी कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी एलएलपी का पूर्व कर्मचारी बताया था। ईडी कुछ ई-मेल के आधार पर ही वाड्रा के खिलाफ लगाए गए मनी लांड्रिंग के आरोप की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। हालांकि दूसरे दिन की पूछताछ में भी वाड्रा ने ईमेल की जानकारी होने से इनकार किया। माना जा रहा है कि वाड्रा ने वकीलों की सलाह पर सिर्फ उन्हीं सवालों के जवाब दिए जो दिल्ली की एक अदालत में ईडी ने स्पष्ट किए थे। 

दरअसल, हाल ही में वाड्रा ने गिरफ्तारी से अंतरिम छूट के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर कोर्ट ने 16 फरवरी तक राहत दी है। ईडी ने कोर्ट को बताया था कि वाड्रा की लंदन में एक संपत्ति है। इसकी खरीद में धनशोधन कानून का उल्लंघन हुआ है। बताया जा रहा है कि वाड्रा को बीकानेर में एक भूमि घोटाले से संबंधित अन्य धन शोधन मामले में जयपुर में 12 फरवरी को ईडी के समक्ष पेश होंगे। राजस्थान उच्च न्यायालय ने उन्हें मामले में एजेंसी के साथ सहयोग करने के निर्देश दिए थे।

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