माघ माह की गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ, विधि-विधान से करें पूजन

सर्वमंगल्यमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुते
हर प्रकार के कल्याण के लिए नवरात्रि में इस मंत्र का उच्चारण किया जाता है। इस बार माघ महीने के गुप्त नवरात्र 5 से 14 फरवरी तक हैं। सभी शुभ योग होने के कारण इस बार नवरात्र पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने पर विशेष फल की प्राप्ति कैसे हो सकती है।
हिंदु पंचांग के अनुसार गुप्त नवरात्रि साल में माघ महीने और आषाढ़ महीने में आते हैं। इस बार माघ महीने के गुप्त नवरात्र 5 से 14 फरवरी तक हैं। मां भगवती के गुप्त स्वरूप यानी काली माता की गुप्त रूप से पूजा की जाती है, जिसकी वजह से इन्हे गुप्त नवरात्र कहा जाता है। इस बार गुप्त नवरात्र के सभी शुभ योग हैं जिसमें आप विधि-विधान से पूजन कर विशेष फल की प्राप्ति कर सकते हैं।
गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की बजाय दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। ये दस महाविद्याएं हैं – काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी। इस व्रत में मां दुर्गा की पूजा देर रात ही की जाती है। प्रतिपदा के दिन कलशस्थापना के बाद मां दुर्गा को लाल सिंदूर, लाल चुन्नी, नारियल, केले, सेब, तिल के लडडू, बताशे चढ़ाएं और लाल गुलाब के फूल भी अर्पित करें। साथ ही गुप्त नवरात्रि में सरसों के तेल के ही दीपक जलाएं एवं ॐ दुं दुर्गायै नमः का जाप करें।





