मदरसा प्रबंधक कमेटी नें गोपनीय ढंग से कराया साक्षात्कार

इसौली/सुलतानपुर, 04 फरवरी (UjjawalPrabhat.Com)। दारूल वलूम गौसिया तेगियै रसूलाबाद अमेठी मदरसे में बड़े ही गोपनीय ढंग से आवेदनकर्ताओ का साक्षात्कार कराया गया। मुसाफिरखाना रसूलाबाद में सरकार द्वारा वित्त पोषित मदरसे में फौकानिया स्तर पर (जूनियर अध्यापक) का पद रिक्त था। जिसमें सिर्फ सात आवेदन पत्र को शामिल किया गया। जिसे भरने के लिए रविवार को आवेदकों का साक्षात्कार हुआ। जिसमें सिर्फ सात आवेदकों साक्षात्कार हुआ। अध्यक्ष, शिक्षा समिति विध्यालय के प्रबंधक प्रधानाचार्य, एक शिक्षाविद, पांच लोगों का एक पैनल बनाकर दोपहर एक बजे साक्षात्कार सम्पन्न हुआ। इस दौरान योग्यता बीए मांगी गयी। अस्सी नम्बर का साक्षात्कार जिसमें हाईस्कूल, इंटर मीडियट, बीए प्रथम श्रेणी पास को दस अंक द्वितीय को सात अंक त्रितीय को पांच अंक को तीन से गुणांक कर दिया गया। अभ्यर्थी मोहम्मद इरफ़ान, मोहम्मद तारिक, निसार हुसैन, मोहम्मद असलम, राविया बानो, रिजवान अहमद, एजाज़ अहमद शामिल रहें। हालांकि प्रबंध कमेटी को लेकर एक याचिका वाद संख्या 529/2019 हाईकोर्ट में लम्बित है। फिर भी आवेदन फार्म गुपचुप तरीके से भरा दिया गया। उप प्रबंधक इजहार अहमद ने आरोप लगाया कि पूर्व में मदरसा के सदर रहें। मोहम्मद शरीफ ने अपने बेटे निसार हुसैन की नियुक्ति के लिए सदर पद से इस्तीफा देकर अपने भाई इरशाद हुसैन को सदर नियुक्त करा दिया। मनमाने ढंग से रिक्त पद के लिए आवेदन मांगा गया वैसे मदरसों में नियुक्ति में घपलेबाजी आम बात है। इसलिए यह साक्षात्कार पर भी सवालिया निशान बना हुआ नजर आ रहा है। जहाँ एक तरफ सरकारी सफाई कर्मचारी बनने के लिए एक-एक पद पद के लिए मारा-मारी हो रहीं है। वहीं अध्यापक जैसें पदों के लिए सिर्फ़ सात ही आवेदन पत्र आयें। यह बातें इस समय समझ में तो नहीं आ रही है अभ्यर्थियों से बात करने की कोशिश की गयी तो मायूस नजर आये। इस सम्बंध में प्रबंधक जुवैर अहमद से पूछा गया तो उन्होने ने कहा की पूरी तरह से पारदर्शीता बरती गयी है। अभ्यर्थियों का साक्षात्कार हो गया है, लेकिन अभी रिजल्ट घोषित नहीं हुआ है। आज की कार्यवाही जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भेजा जा रहा है। हालांकि सदर का एक भतीजा भी अभ्यर्थी के तौर पर साक्षात्कार में मौजूद रहा है।
नीरज तिवारी





