महाराष्ट्र: अन्ना हजारे ने रालेगण सिद्धि में अपना उपवास किया समाप्त

महाराष्ट्र। समाजसेवी अन्ना हजारे का बीते छह दिनों ने अहमदनगर के रालेगण सिद्धि में चल रहा उपवास मंगलवा को समाप्त किया। वह केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्तों के गठन के लिए पिछले छह दिनों से अनशन कर रहे थे।

Maharashtra: Anna Hazare ends his fast in Ralegan Siddhi, Ahmednagar. He was on a fast since the last six days for the formation of Lokpal at the Centre and Lokayuktas in the states. pic.twitter.com/YBaJGK0Tec
— ANI (@ANI) February 5, 2019

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने बताया कि हमने फैसला किया है कि लोकपाल सर्च कमेटी 13 फरवरी को बैठक करेगी
समाजसेवी अन्ना हजारे के पास पहुंचे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने बताया कि हमने फैसला किया है कि लोकपाल सर्च कमेटी 13 फरवरी को बैठक करेगी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाएगा।

Maharashtra CM Devendra Fadnavis: We have decided that the Lokpal search committee will meet on 13 February and the directions of the Supreme Court will be followed. A joint drafting committee has been set up, it will prepare a new bill and we will introduce it in next session. pic.twitter.com/6F2g73em7h
— ANI (@ANI) February 5, 2019

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने बताया कि एक संयुक्त मसौदा समिति का गठन किया गया है, यह एक नया विधेयक तैयार करेगी और हम इसे अगले सत्र में पेश करेंगे।  इस आश्वासन के बाद समाजसेवी अन्ना हजारे ने बीते छह दिनों ने चला आ रहा अनशन खत्म किया है।
अन्ना हजारे ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांग पर ध्यान नहीं देती है तो 8-9 को पद्म भूषण पुरस्कार वापस लौटा देंगे
अन्ना हजारे ने केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्तों के गठन के लिए पिछले छह दिनों से उपवास पर थे। हालांकि उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मांग पर ध्यान नहीं देती है तो 8-9 को पद्म भूषण पुरस्कार वापस लौटा देंगे।
‘जन आंदोलन सत्याग्रह’ के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे अन्ना की प्रमुख मांगें हैं। केंद्र में लोकपाल, प्रत्येक राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति और किसानों का मुद्दा. भूख हड़ताल शुरू करने से 3 दिन पहले ही अन्ना ने राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति करने की मांग करते हुए महाराष्ट्र सरकार को अल्टीमेटम दिया था और ऐसा न करने पर भूख हड़ताल शुरू करने की बात कही थी।
अन्ना हजारे लोकपाल प्राधिकरण को लागू करने के लिए करीब 35 पत्र प्रधानमंत्री को लिखे
अनशन शुरू करते हुए हजारे ने दावा किया था कि बीते 5 वर्षों में उन्होंने लोकपाल प्राधिकरण को लागू करने के लिए करीब 35 पत्र प्रधानमंत्री को लिखे,लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया. इस मुख्य मांग के अलावा हजारे ने किसानों के मुद्दे को भी उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा इन्हें नजर अंदाज कर दिया जाता है, जिसके कारण देश भर में आत्महत्याओं की समाप्त न होने वाली घटनाएं जारी हैं।

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