तो ऐसे हुआ था धरती पर पहले मानव का जन्म, आइए जानते हैं पूरी कहानी

से सवाल अक्सर हमारे मन में आते हैं और जवाब चाह कर भी नहीं मिल पाता। लेकिन इस बात को नहीं नकारा जा सकता की आखिर वह मानव कौन था? जो सबसे पहले धरती पर आया और जिसके आने से धरती मनुष्य का घर बनी।
इस सवाल का जवाब हमने ढूंढ निकाला कई मान्यता को पढ़ते हुए हमने जाना की कैसे मानव की रचना हुई। आइए जानते हैं पूरी कहानी-
धरती पर जन्म लेने वाला पहला मानव कौन था
हम सभी जानते हैं कि भगवान ब्रह्मा सृष्टि के रचयिता है। वही है इस कुल के राजा। जिन्होंने मानव की उत्पत्ति की। कई धार्मिक किताबों और पौराणिक कथा के अनुसार भगवान ब्रह्मा के शरीर से एक उनकी जैसी हूबहू शक्ति उत्पन्न हुई। जिसे देखकर ब्रह्माजी समझ नहीं पाए कि यह कौन है और इस तरह से अचानक उनके सामने कैसे प्रकट हुई। लेकिन यहीं प्रकृति का इशारा था। जो ब्रह्मा जी ने समझ लिया और यही शक्ति मानव संसार का पहला मानव बना।
धरती पर मानव की उत्पत्ति कैसे हुई?
ब्रह्मा जी ने उनके जैसी दिखने वाली काया का नाम स्वयंभुव मनु रखा। जो धरती पर पहला मानव कहलाया। भगवान ब्रह्मा ने 11 प्रजातियों और 11 रूद्र को उत्पन्न किया। तब अंत में उन्होंने स्वयं की शक्ति को दो भागों में बांट दिया। पहला भाग मनु के रूप में और दूसरा भाग शतरूपा के रूप में निकल कर सामने आया। भगवान ब्रह्मा ने प्रजातियों को प्रकाश से, रूद्र को अग्नि से और अपने दोनों भागों को मिट्टी से बनाया। इसलिए मानव को मिट्टी की काया का कहा जाता है।





