बड़ा खुलासा: ‘रोटी की जंग’ छेड़ने वाले तेज बहादुर के बेटे की मौत की सच्चाई जानकर आपके भी उड़ जायेंगे होश

तेज बहादुर का कहना है कि उसके बेटे को सेल्फी लेने का शौक था। संभवतया उसके बेटे द्वारा सेल्फी ली जा रही होगी, क्योंकि रिवाल्वर की अन्य गोलियां निकाली हुई हैं। इसलिए हो सकता है ट्रिगर दब गया होगा। तेज बहादुर यादव ने उसके बेटे द्वारा आत्महत्या करने जैसे कदम उठाने से साफ इनकार करते हुए कहा है कि वह बहादुर जवान का बेटा था। उसने मेरी बर्खास्तगी जैसा दुख झेला है तब ऐसा कदम नहीं उठाया तो अब क्यों उठाता।
बेटे की मौत की जानकारी मिलने के बाद प्रयाग कुंभ से लौटे तेज बहादुर यादव का कहना है कि उनका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता है। गलती उससे गोली चल गई होगी। पुलिस का कहना है कि जांच में स्पष्ट हो गया है रोहित के कमरे में जो रिवाल्वर मिली है, उसका लाइसेंस पिता तेज बहादुर के नाम है। हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि रिवाल्वर रोहित यादव के पास कैसे पहुंची।
बता दें कि 17 जनवरी को तेज बहादुर के 21 वर्षीय बेटे रोहित यादव की गोली लगने से मौत हो गई थी। उसका खून से सना शव घर में ही उसके अपने कमरे में पड़ा मिला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। तेज बहादुर यादव जिला महेंद्रगढ़ के राता कलां गांव के रहने वाले हैं। बीएसएफ में नौकरी के बाद से शहर के कालाका रोड स्थित सरस्वती विहार में ही अपना मकान बनाकर रहे हैं।
जनवरी 2017 में खराब खाने को लेकर सोशल मीडिया पर विडियो वायरल होने के बाद चर्चाओं में आने के बाद तेज बहादुर का बर्खास्त कर दिया गया था। अब युवा इकलौते बेटे की हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तेज बहादुर कुंभ में प्रयाग गए थे, जबकि उनकी पत्नी शर्मिला ड्यूटी पर गई थी। जब वे शाम को पहुंची तो बेटे रोहित का कमरा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक जब दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को बुलाकर खुलवाया गया।
शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल सभी एंगल से मामले की जांच की जा रही है। आत्महत्या से भी इनकार नहीं किया जा सकता है लेकिन परिजनों ने कहा है कि वह आत्महत्या नहीं कर सकता है।





