आसान नहीं होगा राम रहीम के लिए आगे की जिंदगी गुजरना, अभी इन केस पर फैसला आना है बाकी

एक केस में 20 साल की सजा, दूसरे में उम्रकैद, लेकिन राम रहीम की जिंदगी आगे भी आसान नहीं होगी। क्योंकि तीन केस और हैं, जिन पर अभी फैसला आना बाकी है।
साध्वियों के साथ यौन शोषण और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में फैसला आ चुका है। दोनों मामलों में डेरामुखी समेत अन्य अनुयायियों को दोषी करार देकर सजा सुना दी गई है। छत्रपति हत्याकांड में तो भले ही डेरामुखी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, लेकिन डेरामुखी पर अभी और कानूनी शिकंजा कसेगा।
दरअसल, कुछ मामले और हैं, जिसमें डेरामुखी आरोपी है। हालांकि बचाव पक्ष के पास अभी इस उम्रकैद की सजा को ऊपरी अदालत में चुनौती देने का विकल्प शेष है। लेकिन अन्य मामलों में भी यदि फैसला डेरामुखी के खिलाफ आता है, तो उसकी मुश्किलें और बढ़ सकती है।
छत्रपति हत्याकांड के अतिरिक्त डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या का मामला भी सीबीआई की विशेष अदालत में चल रहा है। इस केस में तमाम गवाही पूरी हो चुकी है। 19 जनवरी को बहस शुरू हो रही है। उम्मीद है इस केस में भी जल्द फैसला आएगा, क्योंकि इस केस में भी डेरामुखी मुख्य आरोपी है।
इसके अलावा डेरामुखी पर एक और गंभीर केस सीबीआई अदालत में विचाराधीन है। डेरामुखी पर आरोप है कि उन्होंने अध्यात्म का सहारा लेते हुए डेरे के करीब 400 साधुओं को नपुंसक बनाया है। इस मामले में सीबीआई द्वारा विशेष कोर्ट में चालान पेश कर दिया गया है और केस में अभी सुनवाई चल रही है।
उधर, डेरे के एक अन्य अनुयायी फकीरचंद मर्डर केस की दोबारा जांच करवाने के लिए हाईकोर्ट में अपील करने की तैयारी की जा रही है। इस मामले की जांच भी सीबीआई कर रही थी। लेकिन दिसंबर 2010 में सीबीआई ने इस मामले में अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी, जिसके बाद इस केस में डेरामुखी को बरी कर दिया गया था।





