वीकएंड पर बनाएं पहाड़ों और जंगलों में ट्रैकिंग का प्लान, दिल्ली से बहुत पास है ये खूबसूरत जगहें
सर्दी का मौसम शुरू होते ही मन पहाड़ों की ओर चलने का करता है। लेकिन ऑफिस और दूसरे कामों के बिजी शेड्यूल के चलते घूमने-फिरने के लिए समय निकालना आसान नहीं होता। यदि आपका वीकएंड दो दिन का है और आप दिल्ली में रहते हैं तो हमने आपके लिए कई ट्रैकिंग डेस्टिनेशन खोज निकाले हैं। जहां आप अपने वीकएंड के दिनों में जा सकते हैं और पहाड़ों के बीच शामें गुजार सकते हैं, साथ ही बर्फबारी के साथ-साथ दिल को सूकून देने वाली वादियों के आसपास की हरियाली को देख सकते हैं।

कालका-कसौली ट्रैक
दिल्ली से महज करीब 275 किलोमीटर की दूर पर मौजूद यह ट्रैक अपने आप में काफी एडवेंचर समेटे हुआ है। कालका और शिमला के बीच मौजूद कसौली एक छोटा सा हिल स्टेशन है। लेकिन यहां ट्रैकिंग के लिए काफी कुछ है। आप यहां पर जुलाई, अगस्त और सितंबर के महीनों में जा सकते हैं। इस ट्रैक तक पहुंचने के लिए आप बस, रेलवे व हवाई जहाज की सेवा ले सकते हैं। कसौली से 7 किलोमीटर की दूरी पर परवानू बस स्टैंड है। जबकि नजदीकी रेलवे स्टेशन सोनवारा है जो कसौली से महज चार किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है।
दिल्ली से महज करीब 275 किलोमीटर की दूर पर मौजूद यह ट्रैक अपने आप में काफी एडवेंचर समेटे हुआ है। कालका और शिमला के बीच मौजूद कसौली एक छोटा सा हिल स्टेशन है। लेकिन यहां ट्रैकिंग के लिए काफी कुछ है। आप यहां पर जुलाई, अगस्त और सितंबर के महीनों में जा सकते हैं। इस ट्रैक तक पहुंचने के लिए आप बस, रेलवे व हवाई जहाज की सेवा ले सकते हैं। कसौली से 7 किलोमीटर की दूरी पर परवानू बस स्टैंड है। जबकि नजदीकी रेलवे स्टेशन सोनवारा है जो कसौली से महज चार किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है।
चकराता ट्रैक
अगर आप ऐसी किसी ऐसी जगह जाकर छुट्टियां बिताने की सोच रहे हैं जहां आसमान को छूते पहाड़ हों, अविरल नदियां बहती हों तो उत्तराखंड में चकराता होकर आएं। ये जगह ऑफबीट डेस्टिनेशनंस में शामिल है लेकिन यहां घूमने-फिरने के ऑप्शन्स की कोई कमी नहीं है। साथ ही 2-3 दिनों में आप आसानी से चकराता की हर एक जगह को एक्सप्लोर कर सकते हैं।
अगर आप ऐसी किसी ऐसी जगह जाकर छुट्टियां बिताने की सोच रहे हैं जहां आसमान को छूते पहाड़ हों, अविरल नदियां बहती हों तो उत्तराखंड में चकराता होकर आएं। ये जगह ऑफबीट डेस्टिनेशनंस में शामिल है लेकिन यहां घूमने-फिरने के ऑप्शन्स की कोई कमी नहीं है। साथ ही 2-3 दिनों में आप आसानी से चकराता की हर एक जगह को एक्सप्लोर कर सकते हैं।
कैसे पहुंचे- हवाई सेवा के जरिए आप जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पहुंच सकते हैं। यहां से 117 किलोमीटर की दूरी पर ट्रैक मौजूद है। अगर आप ट्रेन से आना चाहते हैं तो आप देहरादून रेलवे स्टेशन पहुंचे सकते हैं। यहां से चकराता 87 किलोमीटर की दूरी पर है।
बेनॉग तिब्बा ट्रैक
दिल्ली से महज तीन सौ किलोमीटर की दूरी पर यह ट्रैक मौजूद है। यह ट्रैक मसूरी में स्थित है। आपा यहां अपने दोस्तों के साथ जंगल की ट्रैकिंग कर सकते हैं। ट्रैकिंग के दौरान आपको घोरल भी दिख सकती है, जो एक तरह की जंगली बकरी होती है। आप यहां पर मौजूद कैंपों में अपने दोस्तों के साथ बोन फायर का भी लुत्फ उठा सकते हैं। यहां पहुंचने के लिए आप ट्रेन से भी जा सकते हैं। ट्रैक के नजदीक में बालावाला जंक्शन स्टेशन मौजूद है। आप यहां पर अक्टूबर से अप्रैल के महीने तक आ सकते हैं और स्नोफॉल का भी आनंद ले सकते हैं।
दिल्ली से महज तीन सौ किलोमीटर की दूरी पर यह ट्रैक मौजूद है। यह ट्रैक मसूरी में स्थित है। आपा यहां अपने दोस्तों के साथ जंगल की ट्रैकिंग कर सकते हैं। ट्रैकिंग के दौरान आपको घोरल भी दिख सकती है, जो एक तरह की जंगली बकरी होती है। आप यहां पर मौजूद कैंपों में अपने दोस्तों के साथ बोन फायर का भी लुत्फ उठा सकते हैं। यहां पहुंचने के लिए आप ट्रेन से भी जा सकते हैं। ट्रैक के नजदीक में बालावाला जंक्शन स्टेशन मौजूद है। आप यहां पर अक्टूबर से अप्रैल के महीने तक आ सकते हैं और स्नोफॉल का भी आनंद ले सकते हैं।
दिल्ली से महज चार सौ किलोमीटर की दूरी पर मौजूद यह ट्रैक अपने आप में ऐडवेंचर है। ह्मप्टा ट्रेक कुल्लू मनाली के लाहुल के पास स्थित है। आप यहां तक पहुंचने के लिए मनाली से बस ले सकते हैं। ह्म्पटा ट्रेक हिमालय के बेस्ट ट्रैकिंग में से एक है। जून से अक्टूबर तक का माह यहां ट्रैकिंग के लिए अनूकुल है।





