साल का पहला सूर्यग्रहण, इन राशियों पर पड़ेगा विशेष प्रभाव और इस राशि वालों का…

वर्ष 2019 में तीन सूर्य ग्रहण में से पहला आज है। इस साल का भारत में पहला सूर्य ग्रहण है जो कि आंशिक सूर्य ग्रहण है। इसके बाद अगला ग्रहण इसी महीने 31 जनवरी को पडऩे वाला है। यह चंद्र ग्रहण होगा। इसके साथ ही इस वर्ष कुल पांच ग्रहण पड़ेंगे। इनमें तीन सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण हैं।

आज का आंशिक सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यह नॉर्थ ईस्ट एशिया के पैसेफिक ओशन के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। यह आंशिक सूर्य ग्रहण है। यह सूर्यग्रहण चीन, जापान, कोरिया व रूस दिखेगा लेकिन इस ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों, अर्थव्यवस्था, प्रकृति और राजनीति पर देखने को मिलेगा। ज्ञान और नैतिक मूल्यों के स्वामी बृहस्पति की राशि धनु में ग्रहण लगने से नैतिक मूल्यों का ह्रास होगा। इसके कारण धार्मिक नेताओं की मुसीबत बढ़ेगी। शिक्षा के लिए यह ग्रहण शुभ नहीं है।

दूसरा सूर्य ग्रहण दो जुलाई और तीसरा 26 दिसंबर को दिखाई देगा। 21 जनवरी व 16 जुलाई को चंद्रग्रहण होगा। मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का राशियों पर विशेष प्रभाव पड़ता है। काशी विद्वत परिषद के संगठन मंत्री पं. ऋषि द्विवेदी ने बताया कि वर्ष 2019 का आगमन इस बार कन्या लग्न, तुला राशि व स्वाति नक्षत्र में हो रहा है, जो कई मामलों में लोगों के लिए बेहद लाभप्रद रहने वाला है। लग्नेश बुध देव गुरु बृहस्पति के साथ पराक्रम भाव में विराजमान होकर भाग्य भाव को देख रहा है। वहीं धन भाव पर शुक्र-चंद्रमा की युति आर्थिक संपन्नता का योग बना रही है। जिससे आर्थिक विकास, योजनाओं की पूर्ति, विजय और लाभ भाग्य के अनुकूल होने के योग बन रहे है।

इस वजह से 14 सालों तक सोती रही लक्ष्मण जी की पत्नी उर्मिला

बन रहे हैं खास योग

सूर्य के साथ बुध, चंद्रमा और शनि के आसीन होने से यह ग्रहण वैश्विक, राष्ट्रीय और सामाजिक स्तर पर कई गलत निर्णयों का साक्षी बनेगा। यह ग्रहण सत्ता में बैठे लोगों को परेशान कर सकता है। व्यापार वालों के लिए ग्रहण मिलाजुला रहेगा। बैंकिंग सेक्टर वालों को इसका लाभ मिलेगा तो वहीं जमीन-मकान के कारोबार में नुकसान होगा। आईटी, चांदी, आभूषण, सिनेमा, कला, वस्त्र, और सुगंध उद्योग के लिए चुनौती के बाद लाभ का योग बनेगा।

सूर्य ग्रहण में ग्रह गोचर का विभिन्न राशियों पर ऐसा प्रभाव रहेगा

मेष राशि- बृहस्पति का गोचर धन लाभ और पारिवारिक सुख देगा, धार्मिक कार्यों में धन खर्च होगा, शनि नवम भाव में भाग्य वृद्धि में रुकावट और मित्रों और भाई से मनमुटाव होगा।

वृषभ राशि- बृहस्पति स्वास्थ्य व पत्नी से संबंध अच्छा रखेगा, परंतु अष्टम शनि कार्यों में अड़चन लगाएगा।

मिथुन राशि- स्वास्थ्य ठीक रहेगा पदोन्नति धन लाभ और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी व्यापार तथा पत्नी के विचारों में नीरसता रहेगी।

कर्क राशि- स्वास्थ्य ठीक रहेगा, संतान से सुख मिलेगा, भाग्योदय और धन की प्राप्ति होगी। सगे भाइयों का नाश करेगा।

सिंह राशि- पारिवारिक सुख और पदोन्नति की प्राप्ति होगी, संतान की ओर से चिंता रहेगी।

कन्या राशि- पति-पत्नी में संबंध मधुर रहेंगे, भाग्य में वृद्धि और धन का लाभ होगा। शनि माता के स्वास्थ्य की चिंता देगा, मकान बदलना पड़ सकता है।

तुला राशि- साढ़ेसाती समाप्त हो जाने से रुके कार्यों में सफलता मिलेगी, धन और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।

वृश्चिक राशि- स्वास्थ्य ठीक रहेगा, पत्नी और संतान से सुख प्राप्त होगा। साढ़े साती के चलते कार्यों और धन प्राप्ति में बाधा आएगी।

धनु राशि- साढ़ेसाती का मध्य होने से स्वास्थ्य खराब रहेगा। धार्मिक कार्यों में धन खर्च होगा लेकिन मानसिक शांति मिलेगी।

मकर राशि- साढ़ेसाती का आरंभ धन, स्वास्थ्य और मानसिक अशांति देगा, संतान सुख देगा।

कुंभ राशि- शनि का गोचर अच्छा स्वास्थ्य, पारिवारिक सुख व धन लाभ देगा।

मीन राशि- स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, भाइयों से संबंध अच्छे रहेंगे, संतान से सुख मिलेगा परंतु कार्य क्षेत्र में अधिक मेहनत करनी पड़ेगी।

ज्योतिषों की मानें तो ग्रहण के वक्त खुले आकाश में निकलने के लिए मना किया जाता है। खाना खाने और पकाने को भी मना किया जाता है। यह विचार ज्यादातर प्रेग्नेंट महिलाओं, बुज़ुर्गों, रोगी और बच्चों के लिए होते हैं.। ग्रहण समाप्त होने के बाद किसी भी काम को करने से पहले नहाना चाहिए। साथ ही घर में मंदिर में मौजूद सभी भगवानों की मूर्तियों को भी नहलाना या फिर गंगाजल छिड़कना चाहिए। मूर्तियों और खुद को नहलाने के बाद पूरे घर में धूप-बत्ती कर शुद्धीकरण किया जाना चाहिए। घर में या बाहर मौजूद तुलसी के पौधे को भी गंगाजल डालकर स्वच्छ करना चाहिए। 

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