पश्चिम बंगाल में रथयात्रा पर सुप्रीम कोर्ट का बीजेपी को झटका, किया इनकार

पश्चिम बंगाल में रथयात्रा की इजाजत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी को झटका दिया है. हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य बीजेपी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने वेकेशन बेंच के सामने याचिका को सूचीबद्ध करने से इनकार किया. अब इस मामले में 2 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट खुलने के बाद सुनवाई हो पाएगी.
दरअसल, कोलकाता में बीजेपी की प्रस्तावित गणतंत्र बचाओ रथयात्रा पर कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने रोक लगा दी थी. वहीं, इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने बीजेपी की प्रस्तावित गणतंत्र बचाओ रथयात्रा को मंजूरी दे दी थी, जिसे राज्य सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था. इसके बाद ममता सरकार हाईकोर्ट के एकल बेंच के इस फैसले के खिलाफ डिवीजन बेंच के पास पहुंची थी.
इससे पहले बंगाल में रथयात्रा की इजाज़त नहीं देने के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर हाईकोर्ट की डिवीजन के फैसले पर रोक लगाने की मांग की.
आपको बता दें ममता सरकार ने राज्य में सांप्रदायिक शांति व्यवस्था का हवाला देते हुए राज्य में बीजेपी की गणतंत्र रथयात्रा को अनुमति देने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद बीजेपी ने हाईकोर्ट में राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के इस फैसले को रद्द कर दिया था. जिसके बाद अब ममता सरकार ने हाईकोर्ट के एकल बेंच के इस फैसले को चुनौती दी थी. जिस पर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ सुनवाई की और रथयात्रा पर फिर से रोक लगा दी थी.
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इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की गणतंत्र रथयात्रा को अनुमति नहीं देने संबंधी राज्य सरकार के आदेश को यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि रथ यात्रा से होने वाला खतरा काल्पनिक आधार पर नहीं हो सकता है. साथ ही यात्रा को अनुमति देते हुए कोर्ट ने यह भी कहा था कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि यात्रा के दौरान राज्य में किसी भी तरह से कानून व्यवस्था का उल्लंघन न हो और यह यात्रा शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हो.





