बादल पर भड़के अमरिंदर सिंह, सुनाई खरी-खेटी, बोले- बेहद हास्यास्पद बयान दिए हैं

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 1984 के दंगों पर सुखबीर सिंह बादल के बयानों को हास्यास्पद करार देते हुए उन पर जमकर दिल की भड़ास निकाली। उन्होंने कहा है कि हिंसा भड़कने के बाद अकाली दल के अध्यक्ष बोरिया बिस्तर बांधकर अमेरिका भाग गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खुद इन घटनाओं के चश्मदीद हैं और उन्होंने मौके पर ही इस संबंध में सूचना प्राप्त की थी जबकि इस उपद्रव के समय बादल अचानक गायब हो गए थे। कैप्टन ने कहा कि गांधी परिवार को दोषी ठहराते सुखबीर के बयान, जिसके साथ उनका दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है, पूरी तरह से निराधार और अर्थहीन हैं।बादल पर भड़के अमरिंदर सिंह, सुनाई खरी-खेटी, बोले- बेहद हास्यास्पद बयान दिए हैं

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले चुनावी खेल में वापसी के लिए यह बयान निराशा से पैदा हुआ है। मुख्यमंत्री ने सुखबीर का यह बयान कि वह (कैप्टन अमरिंदर) अपनी कुर्सी बचाने के लिए गांधी परिवार का बचाव कर रहे हैं, को खारिज करते हुए कहा कि सुखबीर घटनाओं के समय कहीं आसपास भी नहीं थे और वह गांधी परिवार को मामले में इसलिए घसीट रहे हैं ताकि वह अपने बेजान हो चुके शिरोमणि अकाली दल (शिअद) को फिर से जनता के बीच उभार सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस के विधिवत नेता और सर्वसम्मति से चुने गए मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें केवल राज्य के लोगों का ही समर्थन नहीं मिला बल्कि उनकी पार्टी का भी पूरा समर्थन मिला है।

कैप्टन ने कहा कि शिअद के विपरीत कांग्रेस एक लोकतांत्रिक प्रणाली में काम करती है न कि पार्टी नेतृत्व की मर्जी और इच्छा से। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें अपनी कुर्सी बचाने के लिए चापलूसी में लिप्त होने की जरूरत नहीं है। कैप्टन ने कहा कि वह तब तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे जब तक पंजाब के लोग चाहते हैं और उन्हें कांग्रेस नेतृत्व का पूरा समर्थन हासिल है। उन्होंने कहा कि वह गांधी परिवार का बचाव अपने व्यक्तिगत ज्ञान के आधार पर कर रहे हैं, जिसे उन्होंने दंगों के मद्देनजर विभिन्न शरणार्थी शिविरों का दौरा करके प्राप्त किया था।

सुखबीर के इस आरोप का खंडन किया

कैप्टन ने सुखबीर के इस आरोप का खंडन किया कि उन्हें राहुल ने गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी का बचाव के लिए मैदान में उतारा है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर तब से बात कर रहे हैं, जब राहुल बच्चे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खुद को बचाने के लिए गांधी परिवार को किसी को भी मैदान में उतारने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि दंगों में उनकी भूमिका का कोई सबूत ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि पीड़ितों में से किसी ने भी इस मामले में गांधी परिवार को कभी दोषी नहीं ठहराया है। सुखबीर को गांधी परिवार या समूची कांग्रेस पार्टी के खिलाफ कोई भी सबूत पेश करने की चुनौती देते हुए कैप्टन ने शिअद प्रमुख से कहा कि यदि वह चाहते हैं कि उनकी पार्टी आगामी संसदीय चुनावों में अपनी तर्कसंगतता बनाए रखे तो पहले वह अपना खुद का घर बचाएं।

दंगों के समय राजीव प.बंगाल में थे, राहुल स्कूल जाते थे
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस समय राजीव गांधी पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार कर रहे थे, उस समय राहुल गांधी स्कूल जाते थे। उन्होंने कहा कि इन दंगों में उनकी कोई भूमिका नहीं है और दंगा पीड़ितों द्वारा कुछ व्यक्तिगत कांग्रेसी नेताओं के नाम ही लिए गए थे। वास्तव में एफआईआर में आरएसएस/भाजपा के कई कार्यकर्ताओं के नाम थे, जिनसे सुखबीर हमेशा बचते रहे हैं। इसका स्पष्ट रूप से यह मतलब निकलता है कि दंगों के दौरान सिख समुदाय को होने वाले दर्द के लिए उसकी चिंता बेमतलब की है, जिसका उद्देश्य केवल लोकसभा चुनावों की दौड़ में शामिल होकर वोट हासिल करना है।

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