मोदी सरकार ने फ्री की सबसे बड़ी सेवा

आम आदमी को राहत देने के लिए टेलीकॉम ऑपरेटरों ने इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग को 1 दिसंबर तक मुफ्त रखने का फैसला किया है।बैंकिंग सेवाओं के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले शॉर्ट कोड के इस्तेमाल पर कोई पैसे नहीं देने होंगे। 500 और 1,000 के नोट पर प्रतिबंध के बाद कैशलेस लेनदेन को आगे बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
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दूरसंचार क्षेत्र के नियामक भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने इसकी प्रोसेसिंग फी 1.50 रुपए से घटाकर 50 पैसे कर दिया है जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने ट्वीट किया, ‘अभी तक दूरसंचार आपरेटरों की तरफ से बैंकिंग के लिए शुल्क लिया जाता है। इससे सामान्य तौर पर यूएसएसडी शुल्क कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रानिक बैंकिंग सुविधा के इस्तेमाल को आसान बनाने और आम आदमी की दिक्कतों को कम करने के लिए दूरसंचार ऑपरेटरों ने मोबाइल बैंकिंग सेवाओं के लिए शुल्क 31 दिसंबर तक समाप्त करने का फैसला किया है।
सिन्हा ने कहा कि इस कदम से फीचर फोन रखने वाले लोग बिना किसी अतिरिक्त लागत के 31 दिसंबर तक इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग कर सकेंगे। यूजर्स शॉर्ट कोड का इस्तेमाल बैलेंस का पता लगाने, निकासी, जमा, ट्रांसफर आदि बैंकिंग सेवाओं के लिए करते हैं। ट्राई की अधिसूचना के अनुसार 31 दिसंबर के बाद शॉर्ट कोड संदेश के लिए अधिकतम शुल्क 50 पैसे होगा जो अभी 1.50 रुपए है।
लाइवइंडिया.लाइव.कॉम से साभर





