धोखाधड़ी के नामजद आरोपियों पर मेहरबान है कूरेभार पुलिस!

कूरेभार-सुलतानपुर, 20 नवम्बर (UjjawalPrabhat.Com)। पिता के नाम में परिवर्तन कर नौकरी ही नहीं हासिल की, बल्कि दोबारा पिता के नाम में हेराफेरी कर जमीन को भी हथियाना चाहा तो अदालत के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, परन्तु कूरेभार की पुलिस पीड़ित के बजाय आरोपियों पर मेहरबान हो गयी है। साथी ही आरोपी ही पीड़ित की जान का दुश्मन बन गए हैं। इस सम्बंध में पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।
मामला कूरेभार के तिवारीपुर मुजौना गांव का है। गांव निवासी हरिश्चंद्र का आरोप है उनके सगे भाई अशोक कुमार को उनके चाचा बद्री प्रसाद ने गोद लिया और अभिलेखों में बतौर दत्तक पुत्र दर्ज भी हो गए। यही नहीं इसी बलदियत के आधार पर अशोक कुमार ने कलकत्ता के बामन लारी के विजिलेंस बिभाग में नौकरी हासिल कर ली। चार साल नौकरी करने के बाद 1984 में बामन लारी का यह विभाग आईबीपी में चला गया। तब अशोक कुमार ने दुबारा दत्तक पुत्र को छिपाकर अपने पिता सती प्रसाद की बलदियत दिखाकर दोबारा आईबीपी विभाग में नौकरी हासिल कर ली। यानी एक ही विभाग में दोनों बार अलग-अलग पिता का नाम दिखाकर सरकार के साथ धोखाधड़ी ही नही की बल्कि यहाँ पैतृक जायदाद में अंकित कागजातों में शिकायतकर्ता के साथ नाम लिखवा जायदाद में हक़ जाहिर कर दिया। तमाम शिकायतों के बाद कोई कार्यवाही न होने पर पीड़ित ने अदालत में न्याय की गुहार लगाई। अदालत ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए मुकदमें का आदेश दिया तो थाना पुलिस अशोक कुमार व अन्य के विरुद्ध अपराध संख्या 0267/2018 पर धारा 419,420,467,468,471 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर इतिश्री कर ली। इधर आरोपी मुकदमा दर्ज होने की जानकारी होने पर शिकायतकर्ता की जान का दुश्मन बन गए है। साथ ही पीड़ित को कोई भी कारवाही करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसकी सूचना पीड़ित ने स्थानीय थाने पर दी पर कोई कार्यवाही न होने पर शिकायत पुलिस अधीक्षक से कर कार्यवाही की मांग की है।
नीरज तिवारी





