राहुल ने सरकार पर किया हमला, कहा- अब केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने भी मान लिया है कि नोटबंदी से किसानों की कमर टूट गई

नोटबंदी से किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। यह बात केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने आर्थिक मामलों को देख रही संसदीय स्थायी समिति को पेश किये एक रिपोर्ट में स्वीकार की है। द हिंदू की खबर के मुताबिक, रिपोर्ट में बताया गया है कि नोटबंदी होने की वजह से लाखों किसान सर्दियों की फसल के लिए बीज और खाद आदि नहीं खरीद सके थे, जिसके चलते किसानों को काफी मुश्किल दौर का सामना करना पड़ा था। किसानों को उस समय अधिक कैश की जरूरत थी, जो उन्हें समय से नहीं मिल पाया क्योंकि उस वक्त नोटबंदी लागू हो गई थी। 
गांधी ने ट्विटर पर एक खबर शेयर करते हुए कहा, ‘नोटबंदी ने करोड़ों किसानों का जीवन नष्ट कर दिया है। अब उनके पास बीज-खाद खरीदने के लिए पर्याप्त पैसा भी नहीं है। लेकिन आज भी मोदी जी हमारे किसानों के दुर्भाग्य का मजाक उड़ाते हैं। अब उनका कृषि मंत्रालय भी कहता है कि नोटबंदी से किसानों की कमर टूट गई।’
कांग्रेस अध्यक्ष ने जो खबर शेयर की है उसके मुताबिक वित्त मंत्रालय से संबंधित स्थायी संसदीय समिति को सौंपी रिपोर्ट में कृषि मंत्रालय ने कहा है कि नोटबंदी का किसानों पर बुरा असर पड़ा है। नोटबंदी के बाद नकदी की कमी हो गई, जिससे किसान रबी और खरीफ की फसल के लिए बीज-खाद नहीं खरीद सके।
उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान गत मंगलवार को कहा था कि देश से भ्रष्टाचार के दीमक को साफ करने और बैंकिंग प्रणाली में पैसा वापस लाने के लिये नोटबंदी जैसी कड़वी दवा का उपयोग करना जरुरी था।





