सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट में यादव सिंह की पत्नी ने किया सरेंडर, अभिरक्षा में लेने के बाद मिली अंतरिम जमानत

करोड़ों रुपये के भूमि घोटाले के आरोपी नोएडा के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह की पत्नी की अंतरिम जमानत हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली है। यादव सिंह की पत्नी कुसुम लता ने सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट में सरेंडर किया। कोर्ट ने उनको न्यायिक अभिरक्षा में लेने के बाद जमानत अर्जी पर सुनवाई की। याची के अधिवक्ता द्वारा दिए गए स्वास्थ्यसुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट में यादव सिंह की पत्नी ने किया सरेंडर, अभिरक्षा में लेने के बाद मिली अंतरिम जमानत

कारणों को देखते हुए हाईकोर्ट ने कुसुम लता की अंतरिम जमानत मंजूर कर ली है, मगर उनको 19 नवंबर को नियमित जमानत पर सुनवाई के दौरान पुन: उपस्थित होने का निर्देश

दिया है।

जमानत अर्जी पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने सीएमओ गाजियाबाद को निर्देश दिया है कि तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों की
टीम जिसमें दो महिला डॉक्टर हों, बनाकर कुसुम लता के स्वास्थ्य की जांच कराएं। सीएमओ से अगली सुनवाई पर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है।

जमानत अर्जी पर कुसुम लता के वकील ओपी त्रिपाठी का कहना था कि याची की आयु काफी अधिक है। वह कई बीमारियों से पीड़ित हैं। इससे पूर्व हाईकोर्ट ने याची की जमानत
यह कहते हुए नामंजूर कर दी कि वह न्यायिक अभिरक्षा में नहीं हैं, इसलिए जमानत पर सुनवाई नहीं की जा सकती है। इसके बाद कुसुम लता ने सुप्रीमकोर्ट की शरण ली। 

सुप्रीमकोर्ट ने संदीप कुमार बाफना केस का हवाला देकर कहा कि याची यदि कोर्ट में सरेंडर करती है तो उसे तत्काल न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जमानत पर सुनवाई की जा सकती
है। कोर्ट ने अंतरिम जमानत मंजूर करते हुए सीबीआई कोर्ट के समक्ष जमानत राशि जमा करने का निर्देश दिया है। सीबीआई कोर्ट से कहा है कि यदि याची के पास पासपोर्ट है तो
उसे जमा करा लिया जाए। अदालत की अनुमति के बिना वह देश छोड़कर नहीं जाएंगी।

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