‘संयुक्त राष्ट्र प्रवास एजेंसी’ का सनसनीखेज खुलासा, रोहिंग्या अपनी ही लड़कियों का कररहे सौदा
बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों की संख्या करीब 10 लाख तक पहुंच गई है। इस बीच, ‘संयुक्त राष्ट्र प्रवास एजेंसी’ (आईओएम) एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि म्यांमार से आने वाले रोहिंग्या अपनी युवतियों को बंधुआ मजदूरी के लिए बेच रहे हैं।
आईओएम ने मंगलवार को कहा कि रोहिंग्या परिवार थोड़े से पैसों के लिए हताशा में अपनी बेटियों को खतरनाक माहौल में काम करने के लिए भेज रहे हैं। जो महिलाएं और लड़कियां इस बंधुआ मजदूरी में फंसी हैं उनमें से दो-तिहाई कॉक्स बाजार में संयुक्त राष्ट्र से मिलने वाली मदद का लाभ ले रही हैं। इसके अलावा करीब 10 फीसदी महिलाएं और लड़कियां यौन उत्पीड़न की शिकार हैं।





