बालिका गृह कांड के आरोपी ब्रजेश ठाकुर की मुश्किलें बढ़ी, ED ने दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा
मुजफ्फरपुर : बिहार के बहुचर्चित मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. इस रेप कांड का मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रेश्वर वर्मा की मुश्किलें बढ गईं हैं. प्रशासन ने ईडी को जानकारी दी है कि बालिका गृह और महिला अल्पावास गृह का फर्जी तरीके से संचालन कर सरकार से अनुदान प्राप्त किया जाता था.
जानकारी के मुताबिक, ईडी जांच में जुटी है कि आखिर ये पैसे कहां-कहां खर्च किए गए. आरोपियों ने पैसों से कहां-कहां सम्पत्ति बनाया है. जांच के बाद ईडी आरोपियों की अवैध संपत्तियों को जब्त कर सकती है. मामला दर्ज होने के बाद ईडी कई लोगों को पूछताछ के लिए बुला सकती है.
ज्ञात हो कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह में 34 बच्चियों के यौन शोषण की पुष्टि हुई थी. इस मामले में पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने आठ अगस्त को इस्तीफा दिया था. सीबीआई ने इस मामले में मंजू वर्मा के ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस कांड में ब्रजेश ठाकुर समेत लगभग एक दर्जन लोग गिरफ्तार हो चुके हैं.
ब्रजेश ठाकुर की 2.65 करोड़ की संपत्ति जब्त हो सकती है. मुज़फ्फरपुर एसएसपी ने ईओयू को संपत्ति जब्त के लिए प्रस्ताव भेजा था. जिसे ईओयू ने प्रवर्तन निदेशालय को भेजा दिया था. ईडी ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है. ब्रजेश ठाकुर की संपत्तियों की जांच पुलिस शुरुआत से ही कर रही है.





