राइस मिलर्स पर हरियाणा सरकार ने सीएमआर का काम करने वालों को दी बैंक गारंटी में छूट

हरियाणा सरकार राइस मिलर्स पर मेहरबान हो गई है। सरकार ने मिलों की फिजिकल वेरिफिकेशन के साथ ही बैंक गारंटी में छूट देने का भी फैसला लिया है। खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री कर्ण देव कांबोज ने कहा कि धान खरीद सीजन के चलते विभाग किसी भी राइस मिल में फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं कराएगा। सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) का कार्य करने वाले राइस मिलर्स पर लगाई गई 5 प्रतिशत की बैंक गारंटी की शर्त को भी वापस ले लिया है।
अब राइस मिलर्स एसोसिएशन प्रत्येक राइस मिल से सीएमआर का कार्य पूरा करवाना व सरकार का चावल दिलवाना सुनिश्चित करेगी। नए राइस मिलर्स को बैंक गारंटी से संबंधित शर्तों में भी सरकार ने छूट दे दी है। कांबोज ने कहा कि वर्तमान सरकार किसान हितैषी सरकार है। किसानों को उनकी फसल का पूरा दाम मिले व फसल बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए गंभीर हैं।
किसान को धान बेचने में कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा लेने वाले किसानों को प्राकृतिक आपदा के समय 13 हजार रुपये तक प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है। किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड उपलब्ध करवाना, पर्याप्त मात्रा में यूरिया की उपलब्धता, फसल के समय मंडियों में पर्याप्त प्रबंध व इनाम जैसी किसान हितैषी व्यवस्थाएं स्थापित की हैं। राईस मिलर्स को दी गई रियायतों से धान खरीद के कार्य में तेजी आएगी और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।





