एनएच 74 घोटाला: आईएएस पंकज की बढ़ी मुसीबत, हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
नैनीताल: एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाला मामले में आईएएस डॉ. पंकज कुमार पांडे को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिल सकी। न्यायाधीश न्यायमूर्ति शरद शर्मा की कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका को सुनने से इन्कार कर दिया। 
इस मामले में पंकज पांडे की ओर से याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने याचिका को सुनने से इनकार करते हुए मामला अन्य बैंच को किया रैफर कर दिया। अब कल हाईकोर्ट की दूसरी बैंच में मामले की सुनवाई करेगी।
पांडे ने याचिका दाखिल कर गिरफ्तारी पर अग्रिम जमानत की प्रार्थना की थी। हाल ही में शासन ने डॉ पांडेय के साथ ही उधमसिंह नगर के ही पूर्व डीएम चंद्रेश यादव को निलंबित कर दिया था। घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने दोनों अफसरों के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति शासन से मांगी है।
अब तक का सबसे बड़ा घोटाला
एनएच मुआवजा घोटाला उत्तराखंड का सबसे बड़ा घोटाला माना जा रहा है। अब तक 545 दिन की जांच में एसआइटी 211 करोड़ रुपये घोटाले की पुष्टि कर 22 लोगों को जेल भेज चुकी है। माना जा रहा है कि कई और किसान जहां जेल जा सकते हैं, वहीं घोटाला भी 300 करोड़ तक पहुंच सकता है।
एनएच मुआवजा घोटाले में केस दर्ज होने के बाद 15 मार्च 2017 को घोटाले की जांच को एसआइटी का गठन किया गया था। जांच के दौरान एसआइटी ने सात नवंबर को निलंबित पीसीएस भगत सिंह फोनिया समेत आठ अधिकारी और कर्मचारियों को गिरफ्तार कर गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू कर दिया था। करीब 545 दिन की जांच में एसआइटी अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।





