भारत ने ब्रिटेन से दुश्मनी लेकर चागोस द्वीप पर मॉरिशस का समर्थन किया

चागोस द्वीप विवाद पर भारत ने मॉरिशस का समर्थन किया है. भारत ने इस मसले पर कहा कि इलाके को उपनिवेशवाद से छुटकारा दिलाने की प्रक्रिया तब तक पूरी नहीं हो पाई है, जब तक यह हिस्सा  चागोस द्वीप ब्रिटिश के अधिकार झेत्र में है. गौरतलब है कि यह द्वीप हिन्द महासागर में ब्रिटेन और अमेरिका का एक अहम सैन्य अड्डा भी है.

भारत के राजदूत वेणु राजमणि ने नीदरलैंड में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में इस मुद्दे पर मौखिक सुनवाई के दौरान देश का रुख स्पष्ट करते हुए कहा ऐतिहासिक तथ्यों और कानूनी पहलुओं के विश्लेषण से चागोस की संप्रभुता और उसके मॉरिशस के साथ निरंतर रहने का समर्थन किया. बता दें कि मॉरिशस और ब्रिटेन सामरिक महत्व वाले हिन्द महासागर में स्थित इस प्रवाल द्वीप को लेकर राजनयिक और कानूनी लड़ाई में कई सालों से फसे हुए है.

गौरतलब है कि 1965 में इस टापू को लेकर इंग्लैंड और अमेरिका के बीच भी विवाद बना रहा है. जिसके बाद इन दोनों के बीच समझौता हुआ था. दरअसल चागोस द्वीप समूह के 1500 लोगों को जबरन किसी और जगह पर बसाने को लेकर यह समझौता हुआ था. अमेरिका ने यहाँ अपना मिलिट्री बेस बना लिया था.

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