आज-कल की लड़कियां नही हैं सुपनखा से कम

फैशन में धुत लड़कियों ने बढ़ा रखें हैं अपने नाख़ून’ दरअसल नाखून से ही पता चलता है उनका चरित्र !!

आज-कल की लड़कियां नही हैं सुपनखा से कम

सुपनखा (शूर्पणखा) रामायण की एक दुष्ट पात्र है। वह रावण की बहन थी। सूपे जैसी नाखूनों की स्वामिनी होने के कारण उसका नाम सुपनखा पड़ा। 

चरित्र की धनी लड़कियों के नाखून हमेशा छोटे एवं साफ़-सुथरे रहतें हैं एवं वे आध्यत्मिक और संस्कारी प्रवित्ति की होती हैं| वहीं सुपनखा जो की लम्बे नाखून रखती थी वह राक्षसी प्रवित्ति की थी वैसे ही आज कल की लम्बे नाखूनों वाली लड़कियां हैं जो दिखावा जायदा करती हैं| वह हमेशा फैशन में चूर रहती हैं और पूरी तरह से बिगड़ी हुई होती हैं एक डीएम सुपनखा जैसे|

आज-कल की लड़कियां नही हैं सुपनखा से कम

शूर्पणखा लंका के राजा रावण की बहन तथा दानवों के राजा कालका के पुत्र विद्युज्जिह्व की पत्नी थी। समस्त संसार पर विजय प्राप्त करने की इच्छा से रावण ने अनेक युद्ध किये, अनेक दैत्यों को मारा। उन्हीं दैत्यों में विद्युज्जिह्व भी मारा गया। शूर्पणखा बहुत दु:खी हुई। रावण ने उसे आश्वस्त करते हुए अपने भाई खर के पास रहने के लिए भेज दिया। वह दंडकारण्य में रहने लगी।

आज-कल की लड़कियां नही हैं सुपनखा से कम

राम पर आसक्त

एक बार राम और सीता कुटिया में बैठे थे। अचानक शूर्पणखा ने वहां प्रवेश किया। वह राम को देखकर मुग्ध हो गयी तथा उनका परिचय जानकर उसने अपने विषय में इस प्रकार बतलाया- “मैं इस प्रदेश में स्वेच्छाचारिणी राक्षसी हूं। मुझसे सब भयभीत रहते हैं। विश्रवा का पुत्र बलवान रावण मेरा भाई है। मैं तुमसे विवाह करना चाहती हूं।” राम ने उसे बतलाया कि- “उनका विवाह हो चुका है तथा उनका छोटा भाई लक्ष्मण अविवाहित है, अत: वह उसके पास जाय।”

लक्ष्मण द्वारा नाक-कान काटना

लक्ष्मण ने शूर्पणखा के विवाह प्रस्ताव को अस्वीकार कर उसे फिर राम के पास भेजा। शूर्पणखा ने राम से पुन: विवाह का प्रस्ताव रखते हुए कहा- “मैं सीता को अभी खाये लेती हूं, तब सौत न रहेगी और हम विवाह कर लेंगे।” जब वह सीता की ओर झपटी तो राम के आदेशानुसार लक्ष्मण ने उसके नाक-कान काट दिए। वह क्रुद्ध होकर अपने भाई खर के पास गयी। खर ने चौदह राक्षसों को राम-हनन के निमित्त भेजा, क्योंकि शूर्पणखा राम, लक्ष्मण और सीता का लहू पीना चाहती थी। राम ने उन चौदहों को मार डाला तो शूर्पणखा पुन: रोती हुई अपने भाई खर के पास गयी।

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