इस शिवरात्रि पर बन रहा है विशेष योग, करें सिर्फ यह उपाय और होगी भोले बाबा की कृपा ही कृपा

हिन्दू धर्म में शिवरात्रि के त्यौहार का बहुत ज्यादा महत्व होता है. इस दिन भगवान शिव कि पूजा अर्चना की जाती है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव का विवाह माँ पार्वती से हुआ था.शायद आपमें से बहुत से लोगों को ना पता हो कि हर महीने मासिक शिवरात्रि भी मनाई जाती है, लेकिन साल में दो बार आने वाली शिवरात्रियों का अलग ही महत्व होता है. जिसमे महाशिवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव ने कालकूट नामक विष को अपने कंठ में रख लिया था. जो समुद्र मंथन के समय बाहर आया था. इस दिन भोलेबाबा की अराधना की जाएं तो माँ पार्वती और भोले बाबा सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. महाशिवरात्रि के दिन शिवभक्त मंदिरों में जाकर शिवलिंग पर बेल-पत्र आदि चढ़ाकर पूजन करते हैं और साथ ही लोग उपवास भी करते हैं.

साल में दो शिवरात्रि का बहुत महत्व होता है जिनमे से एक शिवरात्रि श्रावण मास और दूसरी फाल्गुन मास को मनाई जाती हैं. आपको बता दें कि इस वर्ष महाशिवरात्रि पर एक ऐसा महासंयोग बन रहा है जो पूरे 51 वर्ष बाद आया है.
पूरे देश में इस दिन करोड़ों लोग व्रत करते हैं लेकिन इस दिन लड़कियों और औरतों में विशेष उत्साह देखने को मिलता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत करने से कुंवारी लड़कियों को मनचाहा वर मिलता है और विवाहित महिलाओं के पति की उम्र लम्बी होती है.
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क्या करें शिवरात्रि के दिन ?
शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद भगवान शिव के मंदिर जाएं और शिवमूर्ति या शिवलिंग पर जलाभिषेक कर दुग्धाभिषेक करें. शिवजी पर फूल, बेलपत्र, भांग, धतूरा और आख चढ़ाएं. ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव को फलों और मिठाइयों की तुलना में जंगली फल अधिक पसंद आते है.





