भारतीय इंजीनियरों का कमाल, 7 घंटे में ही बना दिया रेल का पुल, दौड़ाने लगे एक्सप्रेस

 रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने अपनी कार्य कुशलता का परिचय दिया। सात घंटे में ही करीब सौ साल पुराने पुल को तोड़कर उसकी जगह नया बना दिया।

इस दौरान लक्सर-मुरादाबाद के बीच रेल यातायात बंद रहा। नए पुल से सबसे पहले देहरादून से इलाहाबाद जाने वाली लिंक एक्सप्रेस सफलतापूर्वक गुजरी। मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल का कहना है कि सात घंटे में पुराने पुल को तोड़कर नए पुल का निर्माण करने पर टीम बधाई की पात्र है।

अब बुंदकी के पास ट्रेनें सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। नजीबाबाद-मुरादाबाद के बीच बुंदकी स्टेशन के पास डाउन लाइन पर पुल सौ साल से अधिक पुराना हो गया था। जर्जर भी था। पुल से धीमी गति से ट्रेनें गुजारी जा रही थीं।

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बुधवार  सुबह 9.35 बजे प्रवर मंडल अधीक्षण अभियंता प्रथम पारितोष गौतम तकनीकी स्टाफ के साथ वहां पहुंचे। क्रेन और अत्याधुनिक उपकरणों के जरिये पुल के ऊपर से गुजरने वाली रेल लाइन को हटाने, पुराने पुल को तोडऩे और मलबा हटाने का काम दोपहर 1.24 बजे तक पूरा कर लिया गया। इसके बाद फैब्रिकेटिंग मैटेरियल से पुल का निर्माण शुरू कर दिया गया।

 

दोपहर 3.05 बजे पुल का ढांचा रख दिया गया। सात घंटे 20 मिनट में (शाम 5.15 बजे) नए पुल पर लाइन डालने का काम भी पूरा कर लिया गया। ओके होने पर शाम 5.40 बजे देहरादून से इलाहाबाद जाने वाली लिंक एक्सप्रेस को धीमी गति से नए पुल से होकर चलाया गया। इसके बाद अन्य ट्रेनों का भी निकालना शुरू कर दिया गया। 

 

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