iPhone बैटरी रिप्लेसमेंट प्रोग्राम भारत में भी शुरू, बदलेगी इनकी बैटरी

आईफोन निर्माता ऐपल की ओर से यूजर्स को ऑफर किया गया बैटरी रिप्लेसमेंट प्रोग्राम भारत में भी शुरू कर दिया गया है। दुनिया के अन्य देशों की तरह की यह प्रक्रिया शेड्यूल से कुछ हफ्ते पहले ही शुरू कर दी गई है। कंपनी का मानना है कि बैटरी रिप्लेसमेंट के बाद आईफोन की परफॉर्मेंस सामान्य हो जाएगी अगर उसे आदर्श स्थिति में इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी ने अपने क्षमा पत्र में बताया था कि यह रिप्लेसमेंट प्रोसिजर जनवरी, 2018 के अंत से शुरू किया जाएगा।

यह है बैटरी रिप्लेसमेंट प्रोसिजर –
बैटरी रिप्लेसमेंट प्रोसिजर के तहत कंपनी ऐपल आईफोन 6 या उसके बाद के किसी फोन की बैटरी को महज 29 डॉलर (1850 रुपए) में रिप्लेस कर रही है। यह ऑफर आईफोन 6 से पहले के फोन पर लागू नहीं होगा। अमेरिका में कंपनी ने ऑउट ऑफ वारंटी आईफोन के लिए बैटरी की कीमत 79 डॉलर से घटा कर 29 डॉलर कर दी है। भारत की बात करें तो अबतक यूजर्स को इन मॉडल की बैटरी रिप्लेस्मेंट के लिए 6500 रुपए तक देने होते थे, जो कि इस प्रक्रिया के तहत अब केवल 2000 रुपए या उससे भी कम देने होंगे।
कौन-कौन से आईफोन हैं शामिल –
इस बैटरी रिप्लेसमेंट प्रक्रिया में आईफोन 6, आईफोन 6 प्लस, आईफोन 6एस, आईफोन 6 एस प्लस, आईफोन एसई, आईफोन 7 और आईफोन 7 प्लस शामिल है।
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यह था मामला –
हाल ही में ऐपल ने खुलासा किया था कि उसने iPhone 6, 6s, 7 और SE जैसे पुराने मॉडल्स को पहले से स्लोे कर दिया है। फोन के ऑपरेटिंग सिस्टाम को अपडेट करते समय कंपनी फोन को स्लो करने वाला प्रोग्राम फोन में इंस्टॉल कर देती है।
कंपनी लॉन्च करेगी आईफोन बैटरी के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट –
कंपनी ने घोषणा की है कि वर्ष 2018 की शुरुआत में वह आईओएस सॉफ्टवेयर अपडेट जारी करेगी। इसकी मदद से यूजर्स को आईफोन बैटरी की हैल्थ के बारे में पता चलेगा। साथ ही यूजर्स यह भी देख सकेंगे कि आईफोन की परफॉर्मेंस बैटरी की वजह से प्रभावित हो रही है या नहीं।
आईफोन ने फोन को स्लो करने का दिया यह तर्क –
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी का कहना है कि फोन के पुराने मॉडल्स की लाइफ को बढ़ाने के लिए उनकी परफॉर्मेंस को थोड़ा घटा दिया है। इससे फोन स्विच ऑफ जरूर होगा, लेकिन उसके हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर सुरक्षित बने रहेंगे। कंपनी का मानना है कि उसने अपने यूजर को फोन का बेस्टस एक्सपीरियंस देने के लिए ऐसा किया है। दरअसल फोन में लगी लीथियम आयन बैट्रीज कूल कंडीशन में पूरा करेंट नहीं दे पातीं और बैट्री पुरानी होने पर वो ठीक से चार्ज भी नहीं हो पातीं। ऐसे में फोन डिवाइस अपने आप ऑफ हो जाती है, लेकिन फोन के कंपोनेंट्स लंबे समय तक सेफ बने रहते हैं।
आईफोन यूजर्स ने कंपनी पर किया था केस –
कंपनी की ओर से फोन को जानबूझकर स्लो करने के चलते यूजर्स ने धोखेबाजी के आरोप में कंपनी के खिलाफ केस कर दिया है। अमेरिका के California, New York और Illinois कोर्ट में ऐपल के खिलाफ आठ मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इन मुकदमों में उपभोक्ताiओं ने कंपनी की इस पॉलिसी को उनके साथ धोखेबाजी करार दिया गया है।





