भारत को मिली बड़ी कामयाबी, हाफिज की रैली में मौजूद राजदूत को फलस्तीन ने बुलाया वापस

फलस्तीन ने मुंबई हमले का मास्टमाइंड हाफिज सईद और लश्कर ए तैयबा प्रमुख के रावलपिंडी में एक रैली के दौरान अपने राजदूत के शामिल होने के पर भारत के कड़े विरोध के बाद उन्हें वापस बुला लिया है। इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। भारत ने फलस्तीन के राजदूत के मंच साझा करने पर भारत ने नाराजगी जाहिर की थी।  

भारत को मिली बड़ी कामयाबी, हाफिज की रैली में मौजूद राजदूत को फलस्तीन ने बुलाया वापस भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि ‘फलस्तीनी राजदूत वालीद अबु अली के हाफिज सईद की रैली में शामिल होने पर भारत के विरोध के बाद फलस्तीन ने खेद जाहिर किया और रैली में राजदूत के शामिल होने पर संज्ञान लेने की बात कही।

मंत्रालय ने बताया ‘फलस्तीन भारत के साथ बेहतर रिश्तों, आतंक के खिलाफ और आतंकियों गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ है।’

बता दें कि हाफिज ने पाक के रावलपिंडी के लियाकत बाग में यह रैली की थी। इस रैली को वलीद अबु अली ने भी संबोधित किया। भारत ने इस मामले पर कड़ा ऐतराज जताया। भारत ने कहा कि वह इस मुद्दे को फलस्तीन के सामने सख्ती से उठाएगा।

गौरतलब है कि आतंकी हाफिज हाल ही में रिहा हुआ है। उसे करीब दस महीने तक पाकिस्तान में ही नजरबंद करके रखा गया था। लेकिन जब हाफिज को रिहा किया गया तो लाहौर की सड़कों पर जोरदार स्वागत हुआ था। हाफिज के स्वागत में हजारों लोग शामिल हुए थे। साथ ही सड़कों पर फूलों की बारिश की गई।
  
आतंकी हाफिज सईद पाकिस्तान में होने वाले आगामी चुनावों में मैदान में उतरना चाहता है। वह अपनी पार्टी बनाने को लेकर कई बार चुनाव आयोग से भी मुलाकात कर चुका है। हालांकि पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने सईद को पार्टी बनाने की अनुमति नहीं दी है। हाफिज के सिर पर अमेरिका ने एक करोड़ रुपये का इनाम रखा हुआ है। फिलिस्तीनी राजदूत के हाफिज सईद के साथ मंच करने के बाद से सोशल मीडिया में भी काफी आलोचना हो रही है। 

 
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