अब सरकार ने भी माना- प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में बाहरी स्टूडेंट को दिए गये ठेरों एडमिशन

जबलपुर/भोपाल .आखिरकार, राज्य सरकार ने यह माना कि नीट यूजी काउंसलिंग 2017 के तहत प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में नियमों को दरकिनार करते हुए प्रदेश के बाहरी छात्रों को प्रवेश दिए गए। बुधवार को डीएमई ने नीट काउंसलिंग फर्जीवाड़े की विस्तृत जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की। इसमें खुलासा किया कि आखिरी दिन मॉप-अप राउंड की काउंसलिंग में एमबीबीएस की 48 सीटों पर नॉन-डोमिसाइल अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया।
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– हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 10 सितंबर की इस राउंड की पूरी प्रवेश प्रक्रिया की चरणबद्ध रिपोर्ट व उस दिन के पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।
– चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता व जस्टिस नंदिता दुबे की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी को रखी।
– रिपोर्ट में बताया कि लेफ्ट आउट के बाद मॉप-अप राउंड के लिए कुल 94 सीटें बची थीं।
– इनमें से 61 सीटों पर उनको एडमिशन दिए, जिनके नाम इस राउंड की मेरिट सूची में थे। इनमें 13 मप्र के व 48 प्रदेश के बाहर के हैं।





