इस तरह से पहचानें, लड़की ने हस्तमैथुन किया है या नहीं

पुरुषों की तरह महिलायें भी यौन सुख पाने के लिए हस्‍तमैथुन का सहारा लेती हैं। हालांकि इससे वे आर्गेज्‍म तक नहीं पहुंच पाती हैं लेकिन उन्‍हें हस्‍तमैथुन से बहुत हद तक संतुष्टि भी मिल जाती है।Identify this way

कुछ महिलाओं में यह आदत किशोरावस्‍था से शुरू होती है और कुछ तो शादी के बाद अपने पार्टनर के साथ रहते हुए भी हस्‍तमैथुन करती हैं। महिलाओं के हस्‍तमैथुन से जुड़े कुछ रहस्‍य भी हैं उन्‍हें भी जानना जरूरी है।

इसका लुत्‍फ उठाती हैं : 

महिलायें हस्‍तमैथुन करते वक्‍त इसका पूरा लुत्‍फ उठाती हैं। कई बार महिलाओं को हस्‍तमैथुन करते वक्‍त पूरा आनंद आता है, और उन्‍हें पुरुष की कमी बिलकुल भी महसूस नहीं होती है। क्‍योंकि वे इस दौरान केवल अपने आनंद के बारे में सोचती हैं और जब तक उन्‍हें आनंद नहीं मिलता तब तक वे करती रहती हैं। कुछ 2-3 मिनट में संतुष्‍ट हो जाती हैं और कुछ इसके लिए 15-20 मिनट का समय लेती हैं।

कभी-कभी करती हैं : 

पुरुषों की तुलना में महिलायें कम हस्‍तमैथुन करती हैं। एक शोध के अनुसार, लगभग 25 प्रतिशत पुरुष सप्‍ताह में 3 बार हस्‍तमैथुन करते हैं, और 55 प्रतिशत कम से कम महीने में एक बार। जबकि इस शोध में यह बात भी सामने आयी कि केवल 10 प्रतिशत महिलायें ही सप्‍ताह में 3 बार हस्‍तमैथुन करती हैं, और 38 प्रतिशत महीने में एक बार करती हैं। यानी पुरुषों की तुलना में महिलायें हस्‍तमैथुन कम ही करती हैं।

अलग तरह से करती हैं : 

महिलायें हस्‍तमैथुन अलग तरह से करती हैं। जबकि पुरुष जब चाहें बॉथरूम में, सार्वजनिक शौचालय में या अन्‍य जगहों पर आसानी से करते हैं। जबकि महिलायें इसके लिए खास तरह की तैयारी करती हैं। ज्‍यादातर महिलायें नहाते वक्‍त हस्‍तमैथुन करती हैं और इससे उन्‍हें आनंद मिलता है।

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सप्ताह में तीन बार करती हैं

नरम एहसास : 

पुरुष जब भी हस्‍तमैथुन करते हैं, बड़ी कठोरता से करते हैं और इससे उनके गुप्‍तांगों की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण दर्द भी हो सकता है। जबकि महिलायें आराम से और कोमलता से अपने आप को आनंद देती हैं। अगर उन्‍होंने अपनी उंगलियों के अलावा किसी अन्‍य वस्‍तु का प्रयोग इसके लिए किया तो कोशिश यही रहती है उसका स्‍पर्श आनंदित करने वाला हो।

शरीर के अन्‍य अंग भी जुड़ते हैं : 

महिला जब भी हस्‍तमैथुन करती है, इसमें वह अपने सारे अंगों को शामिल करती है। जबकि पुरुष ऐसा नहीं कर पाते। महिला इस दौरान अपने जांघों, अपने पेट के साथ-साथ स्‍तनों का मसाज भी करती है। इसलिए यह स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से भी बहुत फायदेमंद होता है।

फायदे मंद होता है

आर्गेज्‍म की परवाह नहीं : 

पुरुष जब भी हस्‍तमैथुन करते हैं उनका पूरा ध्‍यान आर्गेज्‍म पर होता है और इसके बाद ही उन्‍हें शुकून मिलता है। जबकि महिलायें हस्‍तमैथुन के वक्‍त ऐसा ध्‍यान बिलकुल भी नहीं रखती हैं, कभी-कभी वे इसके लिए 2-3 मिनट का समय लगाती हैं और इससे ही उन्‍हें आनंद मिलता है। जबकि इतने कम वक्‍त में आर्गेज्‍म नहीं मिल सकता है।

आराम मिलता है : 

हस्‍तमैथुन के बाद महिलाओं को आराम मिलता है। क्‍योंकि इससे उनके पूरे शरीर का मसाज तो होता ही है, साथ ही यह यौन सुख भी प्रदान करता है। इसके लिए उन्‍हें पुरुष की जरूरत नहीं पड़ती और वे खुद से ही अपने आप को रोमांचित कर देती हैं।

कैसे होती है हस्तमैथुन करने वाली लड़कियों की पहचान : 

हस्तमैथुन करने वाली लड़कियां बिल्कुल फ्रेश नजर आती है। वैज्ञानिकों की रिसर्च में कहा गया है कि जो भी लड़की अपनी मध्य वाली उंगली को बार बार छूती है वो हस्तमैथुन करती है। शिकागो यूनिवर्सिटी में इसको लेकर रिसर्च हुआ है।

 

 

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