20 लाख डाउनलोड, रेटिंग भी 4.4, लेकिन आधार, पैन जैसी जरूरी सेवाओं में उमंग फेल

नई दिल्ली. हैदराबाद में जॉब कर रहे इंजीनियर राजभान भदौरिया उन 20 लाख लोगों में से हैं, जिन्होंने भारत सरकार का उमंग एप डाउनलोड किया है। इस उम्मीद में कि यहां केंद्र, राज्य रिजनल बॉडीज की तमाम ई-सेवाओं का लाभ एक जगह मिलेगा। मगर जब पत्नी का पैन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया तो पहले काफी देर तक ‘लोडिंग’ फिर ‘सॉरी, समथिंग वेंट रॉन्ग’ का संदेश रहा है। ऐसी ही निराशा दिल्ली के प्रशांत नगाती को भी ऐप से हुई। उन्हें आधार कार्ड डाउनलोड करना था। मगर डिजी लॉकर एक्सेस नहीं कर पा रहे, जहां ये उपलब्ध है। उन्होंने एप को 1 स्टार रेटिंग दी है। हकीकत यह है कि सैकड़ों यूजर्स को आधार, पैन और ईपीएफओ जैसी जरूरत वाली सर्विस में इसी तरह की दिक्कतें रही हैं।

फिलहाल चार ही राज्यों की सेवाएं उपलब्ध

– UMANG यानी यूनिफाइड मोबाइल एप्लिकेशन फॉर न्यू-एज गवर्नेंस। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी ने इसे केंद्र सरकार, राज्य सरकार रिजनल बॉडीज की लगभग 1200 सेवाओं को साथ लाने के उद्देश्य से बनाया है।

– हालांकि फिलहाल 33 विभागों की 162 सेवाएं इस पर उपलब्ध हैं। इनमें केंद्र के अलावा दिल्ली, गुजरात, हिमाचल तथा हरियाणा की सेवाएं हैं।

– मंत्रालय के मुताबिक 23 नवंबर को लॉन्च उमंग को डाउनलोड करने वालों की संख्या 20 लाख हो गई है। हालांकि गूगल प्ले के अनुसार इस ऐप को अब तक 10 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है। इनमें से ज्यादातर यूजर्स ने एप को पूरे पांच अंक दिए हैं। इसलिए कि इन्होंने इतनी संख्या में जरूरी सेवाओं को साथ लाने के सरकार के प्रयास को अच्छा कदम माना है।

– ऐप काे रेटिंग देने वाले 10799 लोगों (शनिवार दोपहर तक) में से ऐसे 7751 हैं। हालांकि किसी पेचीदगी के कारण इसे नापसंद करने वाले 948 हैं। इन्होंने एक या दो अंक दिए हैं। यानी सरकार का बेरोक-टोक सेवा देना का वादा अभी अधूरा सा है।

जरूरी सेवाओं में ये दिक्कतें रही हैं
-आधार कार्ड लिंक करते समय ओटीपी देर से रहा है या ही नहीं रहा। आधार के लिए डिजीलॉकर में अकाउंट नहीं बना पा रहे हैं।
-इंटरनेट कनेक्शन ठीक है, पर कनेक्शन एरर बताया जा रहा है।
-ईपीएफओ पास बुक देखने के इच्छुक लोगों की यूएएन नंबर से पहचान नहीं हो पा रही है। ओटीपी से जुड़ी समस्या भी रही है।
-कुछ शहरों के नाम होने, पैन कार्ड सर्विस में नजदीकी सेंटर तलाशने में एरर रहा है।

मंत्रालय को ही रिस्पॉस नहीं मिल रहा
– ऐप विकसित करवाने वाला मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी यूजर्स के कमेंट पर जो जवाब दे रहा है, वे भी चौंकाने वाले हैं।

– इसमें से कई में मंत्रालय कह रहा है कि ‘हमें संबंधित विभाग से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा।’ इससे जाहिर होता है कि मंत्रालय ने महात्वाकांक्षी ऐप को शुरू तो कर दिया, लेकिन इस प्लेटफॉर्म पर साथ लाए गए अपने ही कई अंगों से उसका तालमेल है ही नहीं। मंत्रालय द्वारा गिनाया जाने वाला दूसरा सबसे कारण ‘नेटवर्क इश्यू’ है।

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अब विभागों को क्षमता बढ़ाने के निर्देश
मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के एक सीनियर अधिकारी ने बताया-पहले अलग-अलग डिपार्टमेंट अपने ऐप को अलग-अलग तरीके से चला रहे थे। मगर उमंग के तहत एकसाथ आने के बाद इन विभागों के सिस्टम से जुड़ने वालों की संख्या काफी बढ़ गई। इससे कई बार इनका सर्वर रिस्पॉन्स करना बंद कर देता है। आईटी मंत्रालय सभी विभागों से अपने सिस्टम की क्षमता को बढ़ाने के लिए कह रहा है।

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