60 सेकेंड में निकलता है एक क्लिप, कैसे गायब हो गए रेल ट्रैक से 308 क्लिप ?

लखनऊ.एक एक्सपर्ट को रेलवे ट्रैक की दोनों पटरियों में लगे एक नग पेनड्राक क्लिप निकालने में 1 मिनट का समय लगता है। ये भी तब संभव होता है जब रेलवे के उपकरण का प्रयोग किया जाए। ये कहना है एनईआर की डीआरएम विजय लक्ष्मी का। बीते 3 दिसम्बर को सुबह 4:20 मिनट पर 77 स्लीपरो के 308 नग पेनड्राक क्लिप व ज्वाइनर गायब मिले थे।60 सेकेंड में निकलता है एक क्लिप, कैसे गायब हो गए रेल ट्रैक से 308 क्लिप ?

आतंकी साजिश की भी हो रही है जांच…

– रेलवे अधिकारियो के दावो पर सवाल उठ रहा है कि जब एक क्लिप निकालने में एक मिनट का समय लगता है, तो 308 क्लिप निकालने में 3 घंटे से ज्यादा का समय लगेगा।
– अधि‍कारियो का दावा है कि उस दिन रेलवे ट्रैक की पटरियों पर एक आदमी के देखे जाने की पुष्टि हुई है। इतने कम समय में अकेला आदमी कैसे इतनी बड़ी संख्या में क्लिप निकालेगा।
– डीजीपी सुलखान सिंह ने कहा, ”यह मामला बहुत ही गंभीर है, इस मामले में एटीएस समेत कई विभाग जांच कर रहे हैं, अभी कुछ नहीं बोला जा सकता है।”
– आईजी जीआरपी विनोद कुमार सिंह ने कहा, ”जीआरपी टीम मामले की जांच कर रही है, जल्द ही सच्चाई सामने आएगी।”
– एनईआर की डीआरएम विजयलक्ष्मी ने कहा, ”बड़ी चुक हुई है, बड़ा हादसा होने से रोका गया है। इस मामले की जांच रेलवे के अधिकारी कर रहे है। जांच से पहले कुछ भी बोलना ठीक नहीं होगा।”
– एटीएस के आईजी असीम अरुण ने कहा, “ये एक बड़ी साजिश हो सकती है। जिसकी जांच यूपी एटीएस टीम कर रही है। सोमवार से जांच शुरु कर दी गई। शहर के बीच का मामला है। आस-पास के सीसीटीवी के आधार पर छानबीन की जा रही है। सच्चाई जल्द सामने आ जाएगी।”

– पूर्वोतर रेलवे के पीआरओ आलोक श्रीवास्तव ने कहा, “पटरियों से प्लेट के गायब होने की जानकारी मिलने के बाद इंजीनियरिंग टीम 15 मिनट में मौके पर पहुंच गई। 2 घंटे 20 मिनट तक दोनों रूट बंद कर दिए गए, इसके बाद एक रूट को सामान्य कर दिया गया और दूसरे पर काम किया गया।

7 साल में अब तक हो चुके है 114 ट्रेन हादसे
– उत्तर रेलवे, दिल्ली द्वारा दी गई एक आरटीआई में सूचना के आधार पर 01 अप्रैल 2010 से अब तक कुल 114 ट्रेन दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें 110 मामलों में जांच समिति की जांच पूरी हो गई है, जबकि 04 मामलों का परिणाम आना बाकी है।
– 19 अगस्त 2017 को उत्कल एक्सप्रेस मुज़फ्फरनगर जिले के खतौली स्टेशन पर 13 डब्बे पटरी से उतर गए, जिसमें 25 लोगों की मौत हुई जबकि 105 घायल हुए थे।
– सूचना के अनुसार इन 110 मामलों में 79, अर्थात लगभग 70% मामलों में, कोई रेलकर्मी दुर्घटना के लिए जिम्मेदार नहीं पाया गया। शेष मामलों में 172 रेलकर्मी दण्डित किए गए। जिसमें 24 रेलकर्मी बर्खास्त किए गए जबकि 4 को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई।
– दुर्घटना के विभिन्न कारणों में गैर-जिम्मेदार ड्राइविंग के कारण 66 दुर्घटनाएं घटी पाई गई जबकि 01 मामले में हाथी के अचानक आने से घटना घटी।

ये भी पढ़ें: श्रीलंकाई खिलाड़ियों को प्रदूषण पर शमी ने दिया करारा जवाब

राजधानी में 2 साल में तीसरा ट्रैक से जुड़ा मामला
– 3 अक्टूबर 2015 को लखनऊ के मोहनलालगंज के कनकहा में रेल की पटरी कटी हुई मिली थी। जिसे आतंकी साजिश मानकर कई सुरक्षा एजेंसी ने जांच की लेकिन कोई रिजल्ट नहीं निकला।
– 18 जनवरी 2016 को लखनऊ-रायबरेली रेलमार्ग पर मोहनलालगंज से कनकहा रेलवे स्टेशन के बीच उस समय एक बड़ा हादसा टल गया गया था। तब जब 2 जगह आधी कटी पटरी पर से आधा दर्जन रेलगाड़ियां गुजर गईं।

Back to top button