महाकाल की पूजा कैसे हो, इससे कोई लेना-देना नहीं: SC की मंदिर कमेटी को फटकार

नई दिल्ली/उज्जैन.महाकालेश्वर मंदिर में पूजा के नए नियमों को कोर्ट का ऑर्डर बताकर लागू करवाने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई। मंदिर मैनेजमेंट कमेटी को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि पूजा-पद्धति से हमारा कोई लेना-देना नहीं। साथ ही, समिति को इससे जुड़े सभी बोर्ड तुरंत हटाने का ऑर्डर दिया। अगली सुनवाई 4 दिसंबर को होगी। बता दें कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने महाकाल में शिवलिंग के क्षरण को लेकर दायर पिटीशन पर सुनवाई करते हुए एक्सपर्ट कमेटी के 7 सुझावों पर सहमति दी थी।महाकाल की पूजा कैसे हो, इससे कोई लेना-देना नहीं: SC की मंदिर कमेटी को फटकार

भस्मारती कैसे हो, यह नहीं बता सकते: SC

– शिवलिंग के क्षरण (आकार छोटा होने) से जुड़ी पिटीशन पर सुनवाई के दौरान जस्टिस अरुण मिश्रा ने उन बोर्डों की फोटो मांगी, जिन पर लिखा है कि पूजा के नए नियम सुप्रीम कोर्ट के आदेश से लागू हुए हैं।
– फोटो देखने के बाद जस्टिस मिश्रा ने कहा, “महाकालेश्वर मंदिर में भस्मारती कैसे हो, शिवलिंग को सूती कपड़े से ढकना है या नहीं, ऐसा कोई आदेश हमने नहीं दिया। पंचामृत पर भी कुछ नहीं कहा। महाकालेश्वर की पूजा से कोर्ट का कोई लेना-देना नहीं।”
– उन्होंने साफ किया कि शिवलिंग के क्षरण मुद्दे पर कोर्ट ने एक्सपर्ट कमेटी गठित की थी। उसकी रिपोर्ट के बाद मंदिर बोर्ड ने कुछ सुझाव दिए थे। सुझावों पर सहमति देना आदेश नहीं होता। कमेटी लोगों को गुमराह कर रही है। यह अवमानना का मामला है।
– साथ ही, जस्टिस मिश्रा ने चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर गलत रिपोर्टिंग करने वालों और गलत बयानबाजी करने वाले पक्षकारों पर भी अदालत की अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।

फटकार के कुछ देर बाद ही हटा दिए गए बोर्ड

– मंदिर मैनेजमेंट कमेटी ने गुरुवार सुबह 11.40 बजे मंदिर परिसर में लगे सारे बोर्ड हटा लिए। इन बोर्डों पर लिखा गया था कि व्यवस्था में बदलाव सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार किया गया है।

– इसके अलावा मंदिर परिसर में वॉटर ट्रीटमेंट सिस्टम लगाया जाएगा। इससे कोटितीर्थ कुंड का पानी साफ होगा। गर्भगृह में ड्रायर और पंखे लगाए जाएंगे, जिससे शिवलिंग की नमी कम हो सकेगी।

पूजा की नई व्यवस्थाएं ही जारी रहेंगी

– महाकाल मंदिर में पूजा की नई व्यवस्थाएं लागू रहेंगी। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद मंदिर कमेटी ने शिवलिंग का क्षरण रोकने के लिए लागू व्यवस्थाएं जारी रखने की बात कही।
– 27 अक्टूबर को पिटीशन पर सुनवाई के दौरान मंदिर कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में पूजा पद्धति में बदलाव से जुड़े एक्सपर्ट्स के कुछ सुझाव रखे थे। कोर्ट ने इन पर सहमति जताई थी।

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सुनवाई के बाद ये हुए थे बदलाव

1. महाकाल का अभिषेक RO के पानी से ही होगा।
2. एक श्रद्धालु आधा लीटर जल ही चढ़ा सकता है।
3. पंचामृत भी सवा लीटर से ज्यादा नहीं चढ़ाने दिया जा रहा।
4. भस्म चढ़ाते वक्त शिवलिंग को कपड़े से ढका जा रहा है।
5. शिवलिंग पर चीनी भी नहीं रगड़ने दी जा रही।
6. शाम 5 बजे बाद जल चढ़ाने की इजाजत नहीं है।
7. रासायनिक कुमकुम, गुलाल भी नहीं चढ़ाने दिया जा रहा।

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